आबकारी विभाग की दोगली नीतियों के विरोध में किया प्रदर्शन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। आबकारी विभाग की दोगली नीतियों के विरोध में राजस्थान लिकर कॉन्ट्रेक्टर यूनियन के आह्वान पर शराब व्यवसायियों ने बुधवार को संगरिया रोड पर गांव नवां के नजदीक स्थित शराब गोदाम के समक्ष एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। यूनियन सदस्यों ने आबकारी विभाग व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप तिवाड़ी ने बताया कि जयपुर में 22 अक्टूबर को राजस्थान लिकर कॉन्ट्रेक्टर यूनियन की बैठक हुई थी। इसमें आबकारी विभाग की दोगली नीतियों जिसे यूनियन सदस्यों को बर्बाद करने के लिए लागू किया गया है, के विरोध में 27 अक्टूबर को सांकेतिक रूप से एक दिन जीरो बिलिंग पर कार्य करने का आह्वान किया गया था। इसको लेकर हनुमानगढ़ जिले में यूनियन सदस्यों की ओर से जीरो बिलिंग पर कार्य किया गया है। तिवाड़ी ने बताया कि सांकेतिक प्रदर्शन से सोई हुई सरकार व आबकारी विभाग को जगाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि सरकार ने मांगों पर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की तो 10 नवंबर से प्रदेश के सभी शराब व्यवसायी बेमियादी समय के लिए बिलिंग बंद कर देंगे और 20 नवंबर को सेल्समैनों के साथ दुकानों की चाबियां मुख्यमंत्री को सौंप देंगे। यूनियन सदस्य राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि आबकारी विभाग सरकार को पता है कि वर्तमान में शराब ठेकों का संचालन करने में यूनियन सदस्यों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है परंतु उन्हें कोई राहत नहीं दी जा रही। शराब ठेकेदारों का जो बकाया रेवन्यू है वह भी नहीं दिया जा रहा क्योंकि सरकार को पता है कि यदि बकाया रेवन्यू दे दिया तो शराब ठेकेदार दुकानें सरेंडर कर देंगे। इस दौरान रामप्रताप खीचड़, राजेन्द्र चौधरी, पवनसिंह भाटी, सन्नी, गगन गिल, सुमेर सिंह आदि मौजूद थे। शराब व्यवसायियों की मांगें शराब ठेकों में गारण्टी की बाध्यता समाप्त कर कम्पोजिट फीस न लेने, शराब से सभी प्रकार के राइडर हटाने, देसी शराब में बीएलएफ को एक्साइज में शामिल करने, अंग्रेजी शराब में बिलिंग पर 22 प्रतिशत कमीशन करने, अंग्रेजी शराब में पैनल्टी पिछले वित्त वर्ष की भांति बीयर पर 10 रुपए प्रति बल्क लीटर व आईएमएफएल में 20 रुपए प्रति बल्क लीटर करने, दुकान खुलने का समय सुबह 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक करने, परमिट फीस वर्ष 2006 की नीति के अनुसार बल्क लीटर में न लेकर एकमुश्त लेने, आरएसबीसीएल व आरटीडीसी की तर्ज पर जो भी अनुज्ञाधारी दुकान छोड?ा चाहे को दुकान छोड?े की अनुमति देने की मांग शराब व्यवसायी कर रहे हैं।