नई दिल्ली
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (सीबीटी) ने शनिवार को निवेश को लेकर कुछ अहम फैसले लिए। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ के केंद्रीय बोर्ड ने अपनी 229वीं बैठक में आज वार्षिक जमा के 5 फीसदी तक को बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्टों (इनविट्स) सहित वैकल्पिक निवेशों में डालने को मंजूरी दे दी है।
ईपीएफओ के केंद्रीय बोर्ड ने एक बड़ा फैसला लेते हुए जमा की 5 फीसदी राशि को सार्वजनिक क्षेत्र के इनविट्स और बांड में निवेश करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि, हर मामले के अलग-अलग आधार पर इसे वित्त निवेश और लेखा परीक्षा समिति (एफआईएसी) द्वारा तय किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस निर्णय का मतलब यह है कि ईपीएफओ अपने निवेश को परिसंपत्ति वर्गों में विविधता प्रदान कर रहा है जो निवेश पर प्रतिफल को बढ़ाएगा लेकिन उचित मात्रा में जोखिम भी उठाएगा।
सीबीटी की 229 वीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव और उपाध्यक्ष रामेश्वर तेली की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के दौरान, सीबीटी ने ‘कोविड के प्रति प्रतिक्रिया – 2.0’ नामक एक पुस्तिका का भी विमोचन किया। यह पुस्तिका कोविड-19 महामारी के कठिन समय के दौरान ‘ईपीएफओ से ई-ईपीएफओ’ में सफल डिजिटल परिवर्तन की दिशा में ईपीएफओ द्वारा अपनाई गई पहलों और रणनीतियों का संकलन है।
यह पुस्तिका श्रृंखला में दूसरी है, इसका पहला संस्करण मार्च 2021 में श्रीनगर में आयोजित 228 वीं सीबीटी बैठक में जारी किया गया था। इसमें बताया गया कि इस अवधि में किए गए प्रयासों ने ईपीएफओ को डिजिटल रूप से कागज रहित संगठन की ओर बढ़ने में सक्षम बनाया है, जिससे इसके सभी हितधारकों के लिए जीवन आसान हो गया है। बैठक में नियोक्ता, कर्मचारी और केंद्र सरकार, राज्य सरकार और ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।