नई दिल्ली
दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण मृत्युदर सबसे अधिक माना जाता है, एड्स उन्हीं में से एक है। एचआईवी नामक वायरस के कारण होने वाले इस रोग को वैसे तो लाइलाज माना जाता है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में हुए अध्ययन में वैज्ञानिक इसके उपचार के तरीकों को ढंंढने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। एड्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनियाभर में 37.9 मिलियन (करीब 3.79 करोड़) से अधिक लोग एचआईवी या एड्स से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य संगठन साल 2030 तक एड्स को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
विश्व एड्स दिवस से दो दिन पहले एचआईवी पर संयुक्त संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम की रिपोर्ट में कहा गया है कि एचआईवी संक्रमण की दर में उस तेजी से फिलहाल गिरावट नहीं देखने को मिल रही है जिससे साल 2030 तक इसे खत्म करने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। अभी इस लड़ाई में और अधिक मेहनत की आवश्यकता है जिससे तेजी से बढ़ते इस रोग के मृत्युदर को कम किया जा सके।