Saturday, April 25निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

चार बच्चों का पिता जेल में तो मां छोड़ गई लावारिस

हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। चार बच्चों का पिता किसी मामले में जेल में बंद है और मां कुछ दिन बाद आने का कहकर बच्चों को लावारिस हालत में छोड़ चली गई। लेकिन अब तक वापस नहीं आई। अब जब बच्चे अपने चाचा के पास गए तो उन्होंने भी अपनी आर्थिक हालत कमजोर बता बच्चों का भरण-पोषण करने से मना कर दिया। अपनों के बिना मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति हरकत में आई और समिति सदस्यों ने मौके पर पहुंच पूरे मामले की जानकारी ली। समिति ने पड़ताल की तो पता चला कि जेल में बंद इन बच्चों के नशेड़ी पिता ने बड़ी बेटी व अपनी पत्नी को 50 हजार रुपए में किसी व्यक्ति को बेच दिया था। लेकिन बच्ची की मां ने उस व्यक्ति के साथ जाने से मना कर दिया था और वह बच्चों को छोड़कर यहां से पंजाब चली गई। लेकिन अब तक नहीं लौटी। इन बच्चों में 13 व 6 वर्षीय दो बच्चियां जबकि 9 व 4 वर्षीय दो बालक हैं। बाल कल्याण समिति सदस्य एडवोकेट विजय सिंह चौहान ने बताया कि समिति के संज्ञान में मामला आया था कि 2 केएनजे गांव में चार बच्चे लावारिस हालत में रह रहे हैं। उनके पिता करीब एक-डेढ़ साल से किसी मामले में जेल में बंद हैं। वहीं इन बच्चों की मां अपने परिवार को छोड़कर कहीं अन्यत्र चली गई है। इन बच्चों के चार चाचा हैं जो बच्चों को रखने व भरण-पोषण करने में असमर्थतता जता रहे हैं। क्योंकि उनका कहना है कि उनके खुद के चार-चार, पांच-पांच बच्चे हैं। ऐसी स्थिति में वे इन बच्चों का पालन-पोषण नहीं कर सकते। समिति सदस्य चौहान ने बताया कि मौके पर मौजूद सरपंच, वार्ड पंच व ग्रामीणों ने बताया कि उनकी इन बच्चों के दादा से बात हुई है। वे शहर से बाहर गए हुए हैं। दादा ने चार-पांच दिन में इन बच्चों को रखने व इनके खाने-पीने तथा देखभाल की व्यवस्था करने की बात कही है। समिति सदस्य विजय सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर मौजूद सरपंच, वार्ड पंच व ग्रामीणों से बात करने पर यह बात सामने आई कि इन बच्चों की मां दो दिन पहले कहीं चली गई। चाचा भरण-पोषण करने में खुद को असममर्थ बता रहे हैं। दादा से ग्रामीणों की फोन पर हुई बात के दौरान दादा ने कहा कि वे इन बच्चों को अपने पास रखकर देखभाल करेंगे। इस पर ग्रामीणों ने दो दिन का समय मांगा है। अगर दादा ने आकर इन बच्चों की परवरिश का जिम्मा उठाया तो दो दिन बाद टीम दोबारा आकर जांच करेगी। अगर दादा व चाचा इन चारों बच्चों को रखने में अपनी असर्थतता जताते हैं तो समिति की ओर से इन बच्चों को अपने संरक्षण में लेकर इनकी देखभाल की जाएगी। पन्नाधाय योजना सहित अन्य योजनाओं का बच्चों को लाभ दिलवाया जाएगा। अभी चारों बच्चे अपने घर पर ही हैं। दो दिन तक इनकी देखभाल का जिम्मा ग्रामीणों को सौंपा गया है।
मां के बगैर नहीं जाएंगे कहीं और
उधर, इन बच्चों में शामिल बड़ी बेटी ने रोते हुए कहा कि वे अपनी मां के पास जाना चाहते हैं। वे अपनी मां के बगैर नहीं रह सकते। उन्होंने बताया कि उनकी मां दस दिन बाद आने का कहकर गई थी लेकिन अब तक नहीं लौटी। बच्ची का कहना था कि उसके पिता ने कुछ माह पहले उसे व उसकी मां को 50 हजार रुपए में बेच दिया था। इसलिए उसकी मां उन्हें छोड़कर चली गई। इसके बाद किसी ने उन्हें पढ़ाया-लिखाया नहीं। उनके चाचा भी कह रहे हैं वे उन्हें नहीं रख सकते। इसलिए वे अपनी मां के अलावा और कहीं नहीं जा सकते। क्योंकि उन्हें छोड़कर जाने से पहले उनकी मां ने काम कर उनका पेट भर रही थी। अब वे रविवार को अपने चाचा बबलू वर्मा के पास आए थे। चाचा ने यह कहकर उन्हें अपने पास रखने से मना कर दिया कि वे उन्हें नहीं रख सकते क्योंकि उनके खुद के कई बच्चे हैं।
बाल कल्याण समिति करेगी देखभाल
वहीं, बच्चों के चाचा बबलू वर्मा ने बताया कि इन बच्चों के माता-पिता करीब 15 साल से उनके अलग रह रहे थे। मां के छोड़कर चले जाने व पिता के जेल में बंद होने के चलते यह बच्चे उनके पास आए। उन्होंने कहा कि उनके जमीन-जायदाद नहीं है। दिहाड़ी-मजदूरी कर अपने परिवार का मुश्किल से गुजारा कर रहे हैं। ऐसे हालात में इन बच्चों की कैसे देखभाल कर पाएंगे। उन्होंने मांग की कि बाल कल्याण समिति इन बच्चों की देखभाल करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *