जयपुर
फ्री फायर जैसे बैटलग्राउंड गेम्स बच्चों को बच्चों की मानसिकता को हिंसक बना रहे हैं। कई बच्चे तो पूरी रात इन गेम्स में खोए रहते हैं। इन गेम्स की लत के शिकार कई बच्चे बीते दिनों अपने ही प्रियजनों का मर्डर तक कर चुके हैं। गेम खेलने से रोकने पर बच्चे सुसाइड जैसे कदम उठा रहे हैं। राजस्थान पुलिस को रोज करीब 250 शिकायतें मिल रही हैं। करीब 10 से 12 बच्चे गेम्स खेलने से मना करने पर घर छोड़ रहे हैं। एक सर्वे के अनुसार 10 से 15 साल के बच्चे गेम्स एडिक्शन का ज्यादा शिकार बन रहे हैं। आज पेरेंट्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती है अपने बच्चों को गेमिंग का लत का शिकार होने से रोकना। दैनिक भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की तो उन्होंने कुछ जरूरी टिप्स सुझाए। इन टिप्स के जरिए पेरेंट्स अपने बच्चों की हर एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं और सही समय पर उन्हें रोक सकते हैं।