श्रीगंगानगर
शिक्षा विभाग में एक पीटीआई के 515 लोगों के नाम से फर्जी बिल बनाकर उठाने के मामले में जांच के लिए शुक्रवार को एडिशनल डायरेक्टर रचना भाटिया श्रीगंगानगर पहुंची। उन्होंने यहां विभाग के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। शिक्षा विभाग ने हाल ही में इस मामले में नई कमेटी का गठन कर दिया था। यह कमेटी अब मामले को जांच रही है। यह घाेटाला वर्ष 2015 में हुआ था तथा इसकी जांच वर्ष 2019 में शुरू हुई थी।
ये हुआ था घोटाला
आरोपी पीटीआई ओमप्रकाश शर्मा अभी मल्टीपर्पज स्कूल में उपस्थिति दे रहा है।आरोपी ने अपनी पत्नी, भाई और अन्य परिचितों के नाम से 515 खाते खोलकर इस घोटाले की शुरुआत वर्ष 2015 में की थी। अगले चार वर्ष में उसने चौबीस लोगों के नाम से खाते खुलवाकर इससें सैंतीस करोड़ अड़तीस लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए थे। वर्ष 2019 में मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने जांच का आश्वासन दिया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बीकानेर में हुई बैठक में हुआ था विचार शिक्षा विभाग के श्रीगंगानगर के सीबीईओ कार्यालय में 38 करोड़ के घोटाले के मामले में बीकानेर में चार दिन पहले हुई बैठक में मामले के बारे में विचार किया गया। गबन की जांच के लिए दोबारा कमेटी गठितकरने पर विचार किया गया था। पूर्व में गठित कमेटी में संयुक्त निदेशक देवलता चांदवानी जांच कर रही थी तथा वे सेवानिवृत्त हो गई थी। इस मामले में शासन उपसचिव शंकरलाल रहेजा ने चांदवानी को चार्जशीट दी थी।