रेग्यूलेशन कमेटी सदस्यों पर लगाया मनमानी करने का आरोप हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। किसानों ने भाखड़ा की नहरों में 2 फरवरी से पानी चलाने की मांग की है। सोमवार को भाखड़ा क्षेत्र के किसान पानी छोड़ने की गुहार लेकर जिला कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन जिला कलक्टर के बैठक में व्यस्त होने के चलते उन्होंने जिला कलक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी डॉ. अवि गर्ग से मुलाकात की। किसान रायसिंह जाखड़ बनवाला ने बताया कि करीब एक माह पहले बारिश होने के कारण रेगुलेशन कमेटी ने 21 दिनों की बंदी ले ली थी। अब मोबाइल फोन पर ही मीटिंग कर बंदी को 7 दिन और आगे बढ़ा दिया गया है। 2 फरवरी को रेगुलेशन बनना था अब इसे 9 फरवरी तक खिसका दिया गया। अगर 9 फरवरी को रेगुलेशन बनता है तो भाखड़ा की आधी से ज्यादा नहरों में 17 फरवरी को पानी छोड़ा जाएगा। 17 फरवरी को पानी छोड़े जाने की स्थिति में खेतों में 24 फरवरी तक पानी पहुंचेगा। इस हालत में फसलें जल जाएंगी। किसान बर्बाद हो जाएंगे। अब गेहूं, जौ, चना की फसल में पानी की सख्त आवश्यकता है। अत्यधिक धूप के कारण फसलें मुरझाने लगी हैं। जाखड़ ने आरोप लगाया कि रेग्यूलेशन कमेटी के सदस्य धरातल की वस्तुस्थिति से अवगत नहीं करवाते हैं। रेग्यूलेशन कमेटी के सदस्य अपनी मनमानी करते हैं। इस कारण सही बात अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। इसलिए पिछले 50 सालों से भाखड़ा का किसान बर्बाद हो रहा है। परिवार चलाने के लिए बैंकों व आढ़तियों से कर्ज लेकर डूबा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 2 फरवरी तक भाखड़ा की नहरों का पानी नहीं छोड़ा जाता है तो किसान आंदोलन के लिए सड़कों पर आ जाएंगे। इस मौके पर जगदीश राहड़, हनुमान रेवाड़, धर्मपाल भाम्भू, प्रेम कुमार, हरजिन्द्र सिंह, सतपाल सहारण, धर्मपाल भाम्भू सहित कई अन्य किसान मौजूद थे।