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बकाया फसल बीमा क्लेम के लिए नोहर उपखण्ड कार्यालय के ऐतिहासिक घेराव का ऐलान

  • 20 मार्च को जिले भर में उपखण्ड कार्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    बकाया फसल बीमा क्लेम के भुगतान के लिए अखिल भारतीय किसान सभा ने अब सड़क पर उतर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। आंदोलन का आगाज 14 मार्च को नोहर उपखण्ड कार्यालय के ऐतिहासिक घेराव के साथ होगा। इसके बाद किसान 20 मार्च को जिले भर में उपखण्ड कार्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। अखिल भारतीय किसान सभा में एसीबी की ओर से किसानों को नोटिस भिजवाए जाने को लेकर भी खासा आक्रोश नजर आ रहा है। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि यदि एसीबी ने बीमा कंपनी के एजेंट के रूप में कार्य करते हुए किसानों को बेवजह परेशान करना बंद नहीं किया तो वे एसीबी के खिलाफ भी सड़क पर उतरने में देर नहीं करेंगे। बुधवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल भारतीय किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष मंगेज चौधरी ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले के किसानों का 2019 से लेकर 2022 अब तक रबी व खरीफ का कम से कम 500 करोड़ रुपए के आसपास फसल बीमा क्लेम बकाया है। जिले का अकेले 2021 का रबी फसल का करीब 300 करोड़ रुपए का फसल बीमा क्लेम बकाया है। जबकि बीमा कंपनी कह रही है कि क्रॉप कटिंग गलत हुई है। क्रॉप कटिंग मेंं पटवारियों व ग्रामसेवकों ने मिलकर किसानों का पक्ष किया है। इस प्रकार का आरोप लगाकर बीमा कंपनी की ओर से रबी 2021 का 300 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम रोक लिया गया है। इसके अलावा 2019 से लेकर अब तक का करीब 200 करोड़ रुपए का क्लेम नहीं दिया गया। इसके खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से पूर्व में पूरे जिले में मजबूती से लड़ाई लड़ी है। उसी की बदौलत 2016 के बाद जिले में करीब 2000 करोड़ रुपए के आसपास का बीमा क्लेम किसानों के खाते में आया। इससे कई किसानों की जमीन नीलाम होने से बची। इसमें कोई दोराय नहीं। लेकिन अब बीमा कंपनी जिस प्रकार से किसानों की जेबों पर डाका डालने के लिए आतुर है। इस कार्य में केन्द्र और राज्य सरकार के साथ जिला प्रशासन बीमा कंपनी की पूरी मदद कर रहा है। चौधरी ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी की ओर से किसानों को तरह-तरह से परेशान किया जा रहा है। किसानों को एसीबी के जरिए नोटिस भिजवाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायतों व पटवारियों को नोटिस भेजकर गांव की गिरदावरी रिपोर्ट मांगी जा रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि किसानों ने गबन किया है। जबकि वे पूरे विश्वास के साथ कहते हैं कि जिले के एक भी किसान पर गबन का आरोप नहीं है। न ही पूरे जिले में एक भी किसान बीमा क्लेम घोटाले को लेकर गिरफ्तार हुआ है। अगर बीमा क्लेम घोटाले में किसी की गिरफ्तारी हुई है तो वह बीमा कंपनी के अधिकारी हैं। घोटाले में पटवारी, बैंकों के व्यवस्थापक ही संलिप्त पाए गए हैं। एक भी किसान बीमा क्लेम घोटाले में संलिप्त नहीं पाया गया है।