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किसान नेताओं ने मिलजुल कर किसानों के मसले हल करने पर दिया जोर, संयुक्त रणनीति बनाने पर विचार

  • गंग कैनाल परियोजना क्षेत्र बिगड़े तंत्र को सुधारा जाएगा
    श्रीगंगानगर।
    पदमपुर के एक गुरुद्वारा साहब में इकट्ठे हुए राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के किसान नेताओं ने मिलजुल कर किसानों के मसले हल करने पर जोर दिया है। इसके लिए संयुक्त रणनीति बनाने पर विचार विमर्श कर निर्णय लिए गए। श्रीगंगानगर जिले को सिंचित करने वाली गंग कैनाल परियोजना क्षेत्र में जल वितरण के बिगड़े तंत्र को सुधारने पर भी बल दिया गया। ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के लीगल एडवाइजर हरविंदरसिंह गिल के गंग कैनाल प्रोजेक्ट चेयरमैन निर्वाचित होने के उपलक्ष में पदमपुर के गुरुद्वारा विश्वकर्मा में रखे गए अखंड पाठ के भोग अवसर पर रविवार को राजस्थान के अलावा पंजाब तथा हरियाणा के भी किसान नेता पहुंचे, जो केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून वापस करवाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा चलाए गए आंदोलन में शामिल रहे हैं। भोग के पश्चात किसानों की हुई सभा को हरियाणा से आए अमरजीत सिंह मोडी अंबाला, रमनदीपसिंह मान, जीकेएस के संयोजक रणजीतसिंह राजू, प्रवक्ता संतवीरसिंह मोहनपुरा, झुंझुनू से पंकज धनकड़, सुरजीतसिंह फूल, काका हरिंदरसिंह,विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के पुत्र रूबी,भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष बहादुरचंद नारंग, जितेंद्रसिंह चट्ठा, राकेश शर्मा, हाकमसिंह गिल, लखविंदरसिंह,रिशपालसिंह, रायसिंहनगर से भाजपा विधायक बलबीरसिंह लूथरा, भाजपा नेता विजेंद्रपालसिंह, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपालसिंह संधू, पंचायत समिति रायसिंहनगर की प्रधान सुनीता गोदारा और उनके पति वीरेंद्र गोदारा सहित बड़ी संख्या में किसान नेता व अन्य जनप्रतिनिधि पहुंचे। हरविंदरसिंह गिल को प्रोजेक्ट चेयरमैन और परियोजना क्षेत्र की नहरों के नवनिर्वाचित 15 अध्यक्षों को बधाई दी गई। हरविंदर सिंह गिल ने कहा कि पंजाब में फिरोजपुर फीडर नहर का पुनर्निर्माण और पुरानी बीकानेर कैनाल कि 0 से 45 आरडी तक की सफाई करवाना, उनकी पहली प्राथमिकता है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। अधिकारियों को साथ लेकर जल्दी ही फिरोजपुर(पंजाब) जाएंगे। पंजाब का दौरा कर निर्णय लिया जाएगा कि पंजाब और राजस्थान क्षेत्र में गंग कैनाल की मरम्मत के लिए कितने दिन की पानी की बंदी ली जाए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना क्षेत्र की नहरों में हो रही पानी की चोरी को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पंजाब में पानी की चोरी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई करवाई जाएगी। पानी की बंदी के दौरान सभी नहरों के हैड पर स्कोडा सिस्टम लगा दिया जाएगा।जल संसाधन विभाग ने एक विशेष पोर्टल की टेस्टिंग भी शुरू कर दी है। जल्दी ही किसानों को घर बैठे पता चल जाया करेगा कि किस नहर में कब कितना पानी छोड़ा जा रहा है और कब पानी बंद किया जा रहा है। पानी के उतार-चढ़ाव की ऑनलाइन जानकारी उन्हें मोबाइल फोन पर मिलती रहेगी।जीकेएस संयोजक रणजीतसिंह राजू ने कहा कि गंग नहर के पूरे सिस्टम को बदलने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। प्राथमिकता सभी किसानों की समस्याओं को एक-एक कर सुलझाने की रहेगी। चने की सरकारी खरीद को शुरू करवाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। प्रवक्ता संतवीरसिंह मोहनपुरा ने कहा कि गंग कैनाल प्रोजेक्ट के नवनिर्वाचित अध्यक्ष हरविंदर सिंह गिल और सभी नहर अध्यक्षों की जिम्मेवारी पहले से कहीं बढ़ गई है।पंजाब से आए किसान नेताओं ने राजस्थान के इस इलाके को उनके क्षेत्र की नहरों से मिल रहे कैमिकल युक्त पानी के मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि केमिकल युक्त पानी को रुकवाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। पंजाब में नपानी को शुद्ध करने के लिए लगाए हुए एसटीपी संयंत्र नकारा पड़े हैं।उनको सही करवाया जाएगा। कुछ स्थानों पर नए एसटीपी भी लगवाए जाएंगे। कार्यक्रम में पहुंचने वाले अमरजीत सिंह मोडी अंबाला की कृषि कानूनों के खिलाफ चलाए गए आंदोलन में अहम भूमिका रही। राजस्थान के किसान जब आंदोलन के लिए दिल्ली कूच कर रहे थे तो रास्ते में जगह-जगह उन्हें रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेट्स को तोड़ने में अमरजीत उनके साथी किसानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसी प्रकार किसान नेता रमनदीप सिंह मान को तीन काले कानूनों का व्हिसलब्लोअर माना जाता है।उन्होंने संयुक्त मोर्चा को एकजुट रखने में भी अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में इनके सहित सुरजीत फूल और पंकज धनकड़ आदि किसान नेताओं का स्वरूप और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। अमृतसर से आए जत्था ने गुरु की जस सुना कर आई हुई संतों को निहाल किया। रागी जत्था ने भी गुरु वाणी की रस धारा बहाई। सरपंच मोहनसिंह बबली ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन विक्रमसिंह ने किया।