जयपुर कूच कर बड़े आंदोलन की दी चेतावनी हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। सेवाएं समाप्त करने के विरोध में कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने बुधवार को जिला कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मांगों के संबंध में उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन के जिला महासचिव धर्मवीर ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से 31 मार्च को आदेश निकाल कोविड स्वास्थ्य सहायकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके विरोध में जयपुर में शहीद स्मारक पर संगठन सदस्यों की ओर से पिछले 6 दिनों से धरना दिया जा रहा है। दो संगठन सदस्य आमरण अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े बैनर लगाकर एक लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा करने वाली राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 28 हजार कोविड स्वास्थ्य सहायकों को बेरोजगार दिया गया। इससे संगठन सदस्यों में रोष है जो कभी भी किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बगैर पूर्ण निष्ठा से कार्य करने वाले कोविड स्वास्थ्य सहायकों के साथ सरकार की ओर से किया जा रहा व्यवहार अव्यवहारिक होने के साथ-साथ निंदनीय भी है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार का यह व्यवहार यूज एन्ड थ्रो की तरह है। जिस तरह से डिस्पोजल का इस्तेमाल कर उसे फेंक दिया जाता है उसी तरह से कोविड स्वास्थ्य सहायकों से जब तक काम था, ले लिया और काम निकलने के बाद निकाल दिया। सरकार की इस दोगली नीति को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। यदि सरकार जल्द नहीं चेती तो कोविड स्वास्थ्य सहायकों के साथ युवा वर्ग जयपुर कूच कर एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। एसडीएम को सौंपे गए मांगपत्र में कोविड स्वास्थ्य सहायकों को नर्सेज संवर्ग में शामिल करते हुए संविदा कैडर 2022 में शामिल करने, कोविड स्वास्थ्य सहायकों को योग्यतानुसार सम्मानजनक वेतन देने, सीएचए की सेवाएं 1 अप्रैल 2022 से नियमित रूप से करने की मांग की गई। इस मौके पर प्रदीप, गुरदास मान, कुलदीप, नेहा शर्मा, संजय, ज्योति, सुनीता, यश चिलाना सहित कई कोविड स्वास्थ्य सहायक मौजूद थे।