तीन जनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, मुकदमा दर्ज हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जिले के संगरिया पुलिस थाना क्षेत्र में दामाद की ओर से अपने ससुर की हत्या करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में संगरिया पुलिस थाना में मृतक के दामाद सहित तीन जनों के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने व हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस संगरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की मोर्चरी में रखा हुआ था। परिजनों की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाने की बात कही। जानकारी के अनुसार तारासिंह (50) पुत्र चंदसिंह मजहबी निवासी वार्ड 28, संगरिया ने रिपोर्ट दी कि उसके बड़े भाई भोलासिंह (56) की लड़की प्रवीण की शादी गांव किंगरा तहसील डबवाली जिला सिरसा में सुरेन्द्रसिंह पुत्र जगराज सिंह मजहबी के साथ हुई है। शादी के बाद प्रवीण का पति सुरेन्द्रसिंह, उसका ससुर जगराज सिंह व जेठ मनजीत सिंह दहेज की माग को लेकर प्रवीण के साथ मारपीट करते। वे भोलासिंह से दहेज की मांग कर रहे थे। चार-पांच दिन पूर्व सुरेन्द्र सिंह, जगराज सिंह व मनजीत सिंह ने प्रवीण के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। प्रवीण अब अपने पीहर संगरिया के वार्ड 28 में आई हुई थी। सुरेन्द्रसिंह उसके बड़े भाई भोलासिंह से रंजिश रखता था। सुरेन्द्र सिंह अपराधिक किस्म व बिगड़ेल स्वभाव का हैं। शुक्रवार रात करीब 8.30 बजे उसका भाई भोलासिंह घर से बाहर कुर्सी पर बैठा था। तभी सुरेन्द्रसिंह कार पर सवार होकर आया। उसके हाथ में लोहे का कापा था। सुरेन्द्रसिंह ने कार से उतरते ही भोलासिंह पर कापे के बट से ताबड़तोड़ वार किए। इससे भोलासिंह के छाती, सिर व शरीर अन्य हिस्सों पर चोट लगी। इसके बाद सुरेन्द्रसिंह ने भोलासिंह को मकान की सीढ़ियों पर घसीटा। भोलासिंह के शोर मचाने पर प्रदीपसिंह, हर्षदीप सिंह, विजय कुमार पुत्र रणजीत कुमार, पारूल पुत्र रोशन लाल सहित मोहल्ले के अन्य व्यक्तियों के अलावा भोलासिंह के परिवार के सदस्यों के आने पर सुरेन्द्रसिंह वहां से अपनी कार लेकर फरार हो गया। जाते हुए धमकी दी कि भोलासिंह को तो मैंने मार दिया है। अब भोलासिंह के परिवार के अन्य लोगों को भी मारूंगा। उन्होंने भोलासिंह को संगरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया। जहां चिकित्सक ने जांच के बाद भोलासिंह को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरु की है। मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने तक अस्पताल की मोर्चरी में रखा शव नहीं उठाने की बात पर अड़े हुए थे।