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भाखड़ा के किसानों ने किया मुख्य अभियंता का घेराव

  • भाखड़ा में पीने के पानी के साथ एक-एक बारी बिजाई के लिए देने की मांग
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    भाखड़ा में पीने के पानी के साथ एक-एक बारी बिजाई के लिए देने की मांग को लेकर भाखड़ा क्षेत्र के किसानों ने सोमवार को जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियन्ता अमरजीत मेहरड़ा का घेराव किया। इस दौरान किसान प्रतिनिधियों व किसानों की मुख्य अभियंता के साथ वार्ता भी हुई। किसानों ने मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंप पेयजल के साथ सिंचाई के लिए पानी नहीं देने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। किसान नेता प्रो. ओम जांगू, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ व हरदीप सिंह शाहपीनी तथा जिला परिषद सदस्य मनीष गोदारा के नेतृत्व में घेराव कर रहे किसानों ने बताया कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में निर्धारित कार्य के लिए 21 मार्च से 20 अप्रेल तक भाखड़ा नहरों में पूर्णतया बंदी रखी गई थी। भाखड़ा नहरों में वरीयता क्रम के अनुसार 28 फरवरी से 5 मार्च व 5 मार्च से 13 मार्च तक पानी चलाया गया था। इन नहरों में 55 दिन की बंदी अब तक हो चुकी है। इलाके के सभी गांवों व शहरों में एक माह से भी अधिक समय से नहरी पानी खत्म हो गया है। जनता ट्यूबवैल का खारा व शोरायुक्त पानी पीने को मजबूर है। जानवर भी इस पानी को नहीं पीते हैं। इलाके में बाग भी झुलस रहे हैं। बच्चों में उल्टी-दस्त की बीमारियां हो रही हैं। गाय-भैंसों का दूध भी आधा हो गया है। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि भाखड़ा की जनता ने सरकार व सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर भरोसा कर 20 अप्रेल तक प्रस्तावित बंदी को बढ़ाकर 24 अप्रेल तक कर दिया गया। 25 अप्रेल से आईजीएनपी में पानी बंद करने का निर्णय लिया गया। इस पर भी सोमवार सुबह 400-500 क्यूसेक से भी अधिक पानी आईजीएनपी में चल रहा था। पिछले वर्ष भी 28 अप्रेल को पानी भाखड़ा की नहरों को देना था। परन्तु 6 दिन बाद 3 मई 2021 को दिया गया था। अभी भी भाखड़ा के किसानों को आशंका है कि भाखड़ा नहरों में पानी देने का दिन निश्चित नहीं है। पूर्व नहर अध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने बागों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने की मांग करते हुए कहा कि सरकारों की ओर से पहले किन्नू के बाग लगवाएगए परन्तु अब पानी उपलब्ध न करवाकर उन बागों को खत्म करवाया जा रहा है और किसानों को कर्ज के नीचे दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर बागों को अब पूरा पानी नहीं मिलता है तो 60 से 70 प्रतिशत किन्नू का खराबा होगा। इस कारण किसान कर्ज के नीचे दब जाएगा। उन्होंने मांग की कि भाखड़ा में पीने के पानी के साथ-साथ एक-एक बारी बिजाई के लिए दिया जाए। इस पर मुख्य अभियंता ने आश्वस्त किया कि वे तुरंत कट लगने वाली जगह पर जा रहे हैं। कट बंधवाने के बाद मंगलवार को दोपहर बाद तक भाखड़ा क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पानी चला दिया जाएगा। साथ ही 1 मई से यह प्रयास रहेगा कि भाखड़ा के क्षेत्र में किसानों को नरमा की बिजाई के लिए एक-एक बार सिंचाई पानी दिया जाए। किसान प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि आश्वासन के अनुरूप सिंचाई सुविधा बहाल नहीं हुई तो 1 मई के बाद भाखड़ा क्षेत्र के किसान मुख्य अभियंता के कार्यालय का घेराव करेंगे। इस मौके पर भाखड़ा सिंचाई परियोजना समिति अध्यक्ष विजयसिंह जांगू, सुरेंद्र जाखड़, उस्नाक जोइया, मांगीलाल खीचड़, लालचंद खीचड़, अजय सहारण, भूप खीचड़, जयमल खीचड़, महेंद्र गोदारा, विजय गोदारा, लालसिंह सहित कई किसान मौजूद थे।