जिला कलक्टर पहुंचे धानमंडी, जानी गेहूं खरीद प्रक्रिया में आ रही समस्या
by seemasandesh
गेहूं की ढेरियों का किया अवलोकन, अधिकारी-किसान प्रतिनिधि रहे मौजूद हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। गेहूं खरीद प्रक्रिया में उत्पन्न हो रही समस्याओं से बार-बार किसान प्रतिनिधियों व व्यापारियों की ओर से अवगत करवाए जाने के बाद गुरुवार दोपहर को जिला कलक्टर नथमल डिडेल स्वयं जंक्शन की धान मंडी पहुंचे और समस्याओं के बारे में किसानों व व्यापारियों से जानकारी ली। भारतीय खाद्य निगम के अधिकारी, किसान प्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ थे। इस दौरान मौजूद व्यापारियों व किसानों ने अपनी-अपनी समस्या से जिला कलक्टर को अवगत करवाया। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में हर साल गेहूं की बड़ी मात्रा में सरकारी खरीद होती है। इस वर्ष शुरूआती दिनों में बाजार के भाव अच्छे थे। इसलिए एफसीआई की तरफ से खरीद नहीं की जा सकी। जबकि एफसीआई की ओर से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पूरी व्यवस्थाएं सही समय पर कर ली थी। प्रशासन की ओर से भी फरवरी-मार्च से ही गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर बैठकें की जा रही थीं। उसके बाद गेहूं के निर्यात पर रोक लगने से गेहूं का बाजार भाव अचानक नीचे आ गया। अब किसानों की मांग थी कि पंजाब-हरियाणा की तर्ज पर 6 प्रतिशत की जगह 18 प्रतिशत तक सिकुड़े हुए गेहूं की सरकारी खरीद की जाए। गेहूं खरीद को लेकर आ रही समस्याओं के बारे में बार-बार प्रतिनिधि उनसे मिल रहे थे। इस पर उन्होंने स्वयं धानमंडी पहुंच समस्याएं जानी हैं। प्रत्येक वर्ग ने अपनी-अपनी बात रखी। डिडेल ने बताया कि एफसीआई की ओर से 10 जून तक गेहूं की खरीद की जानी है। प्रशासन की ओर से सरकार से अनुरोध किया गया है कि गेहूं खरीद की अवधि को भी 30 जून तक बढ़ाया जाए। 18 प्रतिशत तक सिकुड़े दाने भी बेचने की अनुमति देने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया है। उस अनुसरण में राज्य सरकार की ओर से तुरंत भारत सरकार को पत्र लिख दिया गया है। उम्मीद है कि आगामी दो-तीन में यह अनुमति मिल जाएगी। डिडेल ने बताया कि इसके अलावा यह समस्या भी सामने आई कि अच्छे गेहूं की भी खरीद नहीं हो रही। इस बारे में मंडी में लगी ढेरियों का अवलोकन किया। डिडेल ने कहा कि किसानों को ढेरियां पूर्णतया साफ भी करवानी होंगी। क्योंकि एफसीआई के भी कुछ मानदंड हैं। अगर किसान साफ-सफाई, सिकुड़े हुए दाने या खराबे को लेकर जिद्द पर अड़े रहे तो ऐसे में गेहूं की खरीद नहीं हो पाएगी। एफसीआई के मानदंड अनुसार गेहूं तैयार कर धानमंडी में लाएं ताकि किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े। धानमंडी से भेजा जा रहा गेहूं किसी भी स्थिति में वेयर हाउस से वापस न लौटे इसलिए एफसीआई की पूरी टीम उसी सामान को रवाना करेगी जो पूर्णतया सही है। इस मौके पर जिला परिषद सदस्य मनीष गोदारा, सुभाष गोदारा, व्यापारी प्यारेलाल बंसल आदि मौजूद थे।