नई दिल्ली। पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। आतंकवादियों को संरक्षण देने और उन्हें आर्थिक मदद देने के आरोप में पिछले कई सालों से ग्रे लिस्ट में शामिल पाकिस्तान को शुक्रवार को बहुत बड़ी राहत मिल गई है और पाकिस्तान को ग्रे-लिस्ट से बाहर निकाल लिया गया है। अब पाकिस्तान पर लगी विभिन्न आर्थिक पाबंदियों को हटा लिया जाएगा।
हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और विदेश मंत्री हिना रब्बानी खान ने अलग-अलग देशों की यात्रा के दौरान अहम चर्चा की। वहीं पीटीआई ने इसका क्रेडिट इमरान खान को दिया है। पीटीआई ने कहा, अगर हम आज ग्रे लिस्ट से बाहर आते हैं, तो सरकार शायद श्रेय लेने की कोशिश करेगी, लेकिन सभी को पता होना चाहिए कि व्यवस्था परिवर्तन के बाद से, फेट से संबंधित कोई भी कानून नहीं रहा है जो उन्होंने पारित किया है. इसलिए यह सफलता इमरान खान की वजह से मिली है।
पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से हटाने का फैसला जर्मनी के बर्लिन में चल रही मीटिंग में लिया गया है। ग्रे लिस्ट से हटाने की आधिकारिक घोषणा अक्टूबर में होने वाली मीटिंग में की जाएगी। बता दें, पाकिस्तान, मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने में विफल रहने और आतंकवाद वित्तपोषण के कारण पेरिस स्थित फेट की ग्रे लिस्ट में 2018 से था। ग्रे-लिस्ट से बाहर निकालने की घोषणा को ‘ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइम वाचडॉग’ की वेबसाइट पर डाला जाएगा और इसके बाद एफएटीएफ की एक टीम द्वारा पाकिस्तान का दौरा किया जाएगा।