रिलीव हुए श्रमिकों के चेहरों पर लम्बे समय बाद झलकी खुशी
by seemasandesh
नगरीय निकायों में समायोजित किए गए स्पिनिंग मिल के 317 कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर हुए रवाना हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। राज्य सरकार की ओर से नगरीय निकायों में समायोजित किए गए बंद हुई स्पिनिंग मिल के 317 कर्मचारी गुरुवार को अपनी-अपनी पोस्टिंग की जगह पर जाने के लिए रिलीव हो गए। इन सबको किसान नेता डॉ. सौरभ राठौड़ ने जंक्शन स्थित स्पिनफेड से अपने गन्तव्य स्थान के लिए रवाना किया। रिलीव लेटर प्राप्त कर रिलीव हो रहे श्रमिकों के चेहरों पर नगरीय विभाग में समायोजित होने की खुशी साफ झलक रही थी। इस मौके पर किसान नेता डॉ. सौरभ राठौड़ ने बताया कि बंद हुई स्पिनिंग मिल के वंचित कर्मचारियों का समायोजन करने की मांग को लेकर पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के शासनकाल में लगातार चार साल तक सड़कों पर संघर्ष करते हुए उन्होंने आंदोलन की अगुवाई की। उसके बाद प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद लगातार 3 साल से समायोजन से वंचित हनुमानगढ़ एवं गुलाबपुरा के श्रमिकों के स्थाई समायोजन के लिए संघर्षरत रहते हुए स्पिनिंग मिल के श्रमिकों को सरकारी सेवा में समायोजित करने की मांग निरंतर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं चीफ सेक्रेटरी उषा शर्मा से की। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और हाल ही में स्वायत्त शासन विभाग की ओर से हनुमानगढ़ एवं गुलाबपुरा इकाई के 317 श्रमिकों को नगरीय निकायों में समायोजित किए जाने के आदेश जारी किए गए। इससे श्रमिक परिवारों को स्थाई सरकारी नौकरी मिलने से उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। डॉ. राठौड़ ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत की सकारात्मक सोच का परिणाम है कि श्रमिकों को समायोजित किया गया है। इसके लिए उन्होंने सीएम का आभार जताते हुए कहा कि अब इन श्रमिकों के घरों में भी पक्के चूल्हे जल पाएंगे। इन श्रमिकों के परिवार भी आगे आ रहा दीपावली का त्योहार मना पाएंगे। इनके घरों में भी रोशनी हो सकेगी। डॉ. राठौड़ ने इसे नजीर बताते हुए कहा कि यह पूरे देश में इस तरह का पहला मामला है। उन्होंने कहा कि अस्थाई कर्मचारियों व संविदा कार्मिकों को विभिन्न विभागों में समायोजित किया जाता है। लेकिन यह 317 श्रमिक न तो अस्थाई कर्मचारी थे और न ही संविदा कर्मी। यह सब प्रतिदिन दिहाड़ी पर काम करने वाले श्रमिक थे। इन श्रमिकों को नगरीय निकाय जैसे सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगाना पूरे देश में नजीर है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पेश हो पाई है।