भीलवाड़ा
भीलवाड़ा के रायपुर थाना क्षेत्र के कलाल खेड़ी गांव में दबंगों ने ऐसी हिमाकत कर दी, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। भूमाफियाओं ने एक गरीब परिवार को पहले अपना घर छोड़ने पर मजबूर किया और उसके बाद उस घर को विस्फोटक से उड़ा दिया। माफियाओं ने पत्थरों को तोड़ने के लिए काम आने वाले विस्फोटक से महिला का आशियाना उड़ा दिया। गनीमत रही की विस्फोट के दौरान महिला घर पर नहीं थी, इसलिए वह बच गई। 25 जून को हुई यह घटना अब प्रकाश में आई है। विडंबना यह है कि पीड़िता और गांव वालों की शिकायत के बाद भी पुलिस की नींद नहीं खुली और घटना पर कोई कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ डाले बैठी रही। परेशान महिला ने जब जिले के डीएसपी से शिकायत की तो अब जाकर मामला दर्ज हुआ है, लेकिन अभी तक पुलिस आरोपियों का पता नहीं लगा पाई है।
डीएसपी के सामने हुई पेश
ये मामला छुपा ही रहता अगर महिला गंगापुर डीएसपी के सामने पेश होकर अपना दर्द बयां नहीं करती। खास बात यह है कि घटना के तुरंत बाद महिला और ग्रामीणों ने रायपुर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी थी। लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। अपना आशियाना गंवाने के बाद महिला पीड़ा लेकर रायपुर पुलिस थाने पहुंची। लेकिन, उस महिला की पीड़ा किसी ने नहीं सुनी। अंत में वह महिला गंगापुर डीएसपी के सामने पेश हुई, तब पुलिस हरकत में आई। उस महिला के आशियाना टूट जाने के 10 दिन बाद रायपुर पुलिस ने उस महिला का मामला दर्ज किया और मौके का जायजा लिया।
मकान पर टेढ़ी नजर
दरअसल रायपुर थाना क्षेत्र के कलाल खेड़ी में रहने वाली सत्तू देवी पत्नी कालू नाथ योगी ने डेढ़ वर्ष पूर्व गांव के ही एक पहाड़ी पर अपने बारे में चद्दर डालकर आशियाना बनाया था। वह और उसका परिवार उसी में रह रहा था। लेकिन करीब 1 वर्ष पूर्व उसी गांव में रहने वाले कैलाश नाथ, देवा नाथ, पारस गुर्जर, लेहरू नाथ व लक्ष्मण नाथ की नजर उसके घर पर थी। कई बार इन बदमाशों ने उस महिला और उसके परिवार को परेशान भी किया। 1 वर्ष पूर्व इन बदमाशों ने इस परिवार के साथ झगड़ा कर घर को धमाके में उड़ाने की धमकी भी दी थी। इस विवाद के बाद से ही यह महिला अपने परिवार के साथ गांव में किराए के कमरे में रह रही थी और समय-समय पर आकर अपने आशियाने की निगरानी भी रख रही थी। 25 जून की रात दबंगों ने पीड़िता के घर को विस्फोटक सामग्री लगाकर उड़ा दिया।

विस्फोट से तबाह हुआ महिला का घर।
पुलिस ने एक न सुनी
पीड़िता ने बताया कि उसका आशियाना बदमाशों ने 25 जून को धमाके में उड़ा दिया था। इसकी जानकारी उसने पुलिस को भी दे दी थी। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए वह रायपुर थाने भी गई थी। लेकिन पीड़िता की किसी ने नहीं सुनी। इस मामले में गंगापुर ड़ीएसपी गोपीचंद मीणा के निर्देश के बाद रायपुर पुलिस अलर्ट हुई।
महिला का उजाड़ा घर और पुलिस ने पाबंद कर छोड़ दिया
ड़ीएसपी गोपीचंद मीणा ने बताया कि इस महिला की शिकायत के बाद रायपुर पुलिस ने इस मामले में तीन बदमाशों को थाने बुलाया था। लेकिन इतना गंभीर मामला होने के बाद भी रायपुर पुलिस ने 3 बदमाशों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया था। मामले की जांच कर कार्रवाई करेंगे।