श्रीगंगानगर
जिले के रावला इलाके के गांव सात बीडी में जहरीला पानी पीने से दो महिलाओं और आठ बच्चों सहित दस लोगों की हालत बिगड़ गई। उन्हें रावला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब सभी दस रोगियों की हालत में सुधार है।
पेस्टिसाइड के मटके से पानी लेकर गए थे खेत
रावला इलाके के गांव पांच बीडी में इन दिनों परिवार नरमा चुगाई के लिए आया हुआ है। इस परिवार की दो महिलाएं और आठ बच्चे खेत में नरमा चुगाई के लिए निकले थे। ये लोग खेत जाते समय जिस मटके से पानी बोतल में भरकर ले गए उसमें पहले पेस्टिसाइड रखा गया था। इससे मटके में पेस्टिसाइड का असर था।
परिवार ने इस मटके से पानी बोतल में भरा और बोतल लेकर खेत चले गए। वहां जाने के कुछ देर बाद परिवार के कुछ लोगों ने पानी पीया तो उन्हें उलटियां होने लगीं। इस पर आसपास काम कर रहे मजदूर उन्हें लेकर गांव 365 हैड के सरकारी अस्पताल पहुंच गए। जहां से उन्हें रावला रैफर कर दिया गया। रावला के सरकारी अस्पताल में इनका इलाज शुरू किया गया है।
रावला के सरकारी अस्पताल के प्रभारी डॉ.सुशील चोटिया ने बताया कि उनके यहां दो महिलाएं और आठ बच्चे भर्ती हुए हैं। इन्होंने पेस्टिसाइड वाले मटके में रखा पानी पी लिया था। इन्हें उलटियां होने पर पहले 365 हैड और फिर रावला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। उनका इलाज किया जा रहा है।
ये हैं अस्पताल में भर्ती
रावला के अस्पताल में माया (40) पत्नी हरनाम सिंह, पूनम (12) पुत्री राजू सिंह, राजकुमारी (16) पुत्री राजू सिंह, रजिया (12) पुत्री राजू सिंह, गंगादेवी (15) पुत्री हरनाम सिंह, विनोद (14) पुत्र हरनाम सिंह और विजय सिंह (10) पुत्र हरनाम सिंह, चरणजीत (12) पुत्र राजू सिंह तथा दो अन्य महिला और बच्ची शामिल हैं।