राजसमन्द (वार्ता)। मुख्यमंत्री गहलोत व संत मुरारी बापू ने नाथद्वारा में 369 फुट ऊंची विश्व की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा ‘ विश्वास स्वरूपम्’ का शनिवार को लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने रामकथा वाचक मुरारी बापू का अभिनंदन किया। इस अवसर पर योग गुरु बाबा रामदेव भी उपस्थित थे। गहलोत ने कहा कि रामकथा के वाचन से समाज में प्रेम, भाईचारे एवं सद्भावना का सन्देश जाता है, जिसकी वर्तमान समय में सर्वाधिक आवश्यकता है। इस प्रकार की कथाएं देश के कोने-कोने में आयोजित होनी चाहिएं। उन्होंने कहा कि दस साल के समय में समर्पण और लगन से निर्मित इस सुन्दर और भव्य शिव प्रतिमा को निमार्ताओं द्वारा समाज में एक सकारात्मक सन्देश देने के लिए बनाया गया है। इस प्रतिमा के नीचे लगभग 10 हजार लोगों की क्षमता वाला विशाल सभागार बनवाया गया है। मुरारी बापू की कथा की भी शुरूआत हो गई। 9 दिन तक इस कथा का आयोजन किया जाएगा।