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पानी को लेकर 8 को जिला प्रशासन ठप करने का ऐलान

  • कलक्टरेट के समक्ष सभा आयोजित कर प्रशासन को दी चेतावनी
    श्रीगंगानगर (सीमा सन्देश)।
    अभा किसान सभा, किसान संघर्ष समिति व जय किसान आन्दोलन के संयुक्त तत्वावधान में जिला कलक्टरेट के समक्ष एक सभा आयोजित कर गंगनहर में पूरा पानी देने की मांग को लेकर 8 जुलाई को जिला प्रशासन को ठप करने की घोषणा कर दी गई है। इस सभा में आरोप लगाया गया कि जिला प्रशासन की मौजूदगी में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने लिखित में जो समझौता किया था, उससे वह मुकर गया। जिला मुख्यालय पर पड़ाव की घोषणा भी की गई है। पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने आन्दोलन की घोषणा करते हुए राज्य सरकार व सिंचाई विभाग पर किसानों को बर्बाद करने का आरोप लगाया तथा कहा कि पर्याप्त पानी नहीं मिला तो खेत बंजर हो जाएंगे। इस बर्बादी के जिम्मेदार जिला प्रशासन, राज्य सरकार, जल संसाधन विभाग के अधिकारी तथा यहां के विधायक व सांसद होंगे। अब सिंचाई विभाग का कोई बहाना नहीं चलेगा। किसान को उसके हक का पानी देना ही होगा, वर्ना किसानों को एकजुट कर जुलाई 2016 के किसान आन्दोलन की पुनरावृत्ति करेंगे।
    गंगनहर में चल रही अघोषित बंदी
    कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वीपाल सिंह संधू ने कहा कि घोषित बंदी के बाद भी गंगनहर में अघोषित बन्दी चल रही है। निर्धारित शेयर अनुसार पानी नहीं दिया जा रहा। नतीजन मूंग जैसी कम पानी की फसल की बिजाई प्रभावित हो रही है। किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष अमरसिंह बिश्नोई ने कहा कि 1950 क्यूसेक पानी लगातार देने के लिए सिंचाई विभाग ने लिखित आश्वसन दिया था। इसके बावजूद गंगनहर 500 क्यूसेक पानी कम कर दिया गया। इससे गंगनहर की कोई वितरिका अपने नियत समय पर नहीं खुलेगी। किसान सभा की केंद्रीय किसान कौंसिल के सदस्य श्योपत मेघवाल ने कहा कि एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार तीन कृषि कानूनों के जरिये किसान को जमीनों से वंचित करना चाहती है। वहीं राज्य की गहलोत सरकार फसल बिजाई के लिए पंजाब से हमारे हिस्से का पूरा पानी लेने में फेल रही है। जिले विधायकों की चुप्पी साफ कहती है कि अब बिना संघर्ष किसान के खेत नही बचेंगे।
    किसानों से सम्पर्क के लिए टीमें गठित
    भारी पुलिस जाब्ते के बीच इस सभा को जय किसान आंदोलन के रमन रंधावा, गंगा कैनाल के पूर्व प्रोजेक्ट चेयरमैन गुरबलपाल सिंह संधू, रविन्द्र तरखान, मा. केवल सिंह, गुरचरणसिंह खोसा, मा. बलवीर सिंह, जसवीर सिंह चक 9 डीडी, अमतेंद्रसिंह क्रांति, सरपंच इन्द्राज पूनिया, राकेश ठोलिया, राकेश बिश्नोई, एलएनपी के चेयरमैन राजाराम मोर, पूर्व प्रधान वीरेंद्र गोदारा, गुरपिंदर बैंस, निशान सिंह, बलजिंदर सिंह चहल, विनोद जाखड़, दलवीर सिंह, सुखवीर सिंह फौजी, आप नेता शमशेर सिंह बराड़, आप जिलाध्यक्ष शंकरलाल मेघवाल, सोहन सिंह मंडेर, नक्षत्र सिंह बुट्टर, पूर्व सरपंच कुलवीर सिंह आदि नेताओं ने सम्बोधित किया। संघर्ष में शामिल किसान संगठनों ने 8 जुलाई को प्रशासन ठप करने के लिए गांवों में किसानों से सम्पर्क करने के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है, जो गंगनहर से सम्बद्ध सभी गाँव व चकों में प्रचार-प्रसार कर किसानों को एकजुट करेगी।

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