Sunday, May 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

इंदिरा गांधी नहर में कार सहित गिरने से चार लोगों की मौत हादसा नहीं सुनियोजित हत्या थी, साजिश का खुलासा

मुख्य आरोपी का सहयोगी गिरफ्तार
हनुमानगढ़।
रावतसर मेगा हाईवे पर लक्खूवाली पुलिस चौकी से लगभग 200 मीटर की दूरी पर इंदिरा गांधी नहर में पांच महीने पहले एक कार के गिर जाने से दंपति समेत चार लोगों की मौत होना दुर्घटना नहीं थी बल्कि सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया था। इस कथित दुर्घटना में कार चला रहा रमेश स्वामी ही इस सामूहिक हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला है। उसका सहयोग करने वाले रामलाल नायक को आज गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में रोक लगा रखी है। हनुमानगढ़ जिले में संगरिया में ग्रामोत्थान विद्यापीठ शिक्षण संस्थान में लेखा शाखा में कार्यरत विनोद बाघला (45), उसकी पत्नी रेनू (42) और बेटी इशिता (15) तथा फतेहगढ़ निवासी सरकारी अध्यापिका सुनीता भाटी (40) की कार सहित नहर में गिर जाने से मौत हो गई थी। कार चला रहा रमेश स्वामी निवासी संगरिया बच गया था। कार को इंदिरा गांधी नहर के पुल के समीप ढलान पर रोककर रमेश लघुशंका से निवृत्त होने चला गया था। कार लुढ़क कर नहर में गिर गई थी।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रीति जैन ने आज अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर इस सामूहिक हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 9 फरवरी की रात लगभग 10 बजे ढलान पर खड़ी की गई कार अपने आप लुढ़क कर नहर में नहीं गिरी थी बल्कि रमेश स्वामी और उसने पहले से वहां बुला रखे अपनी जमीन के काश्तकार रामलाल नायक निवासी मलडखेड़ा के साथ मिलकर धक्का देकर गिराया था रमेश स्वामी ने इन हत्याओं की योजना एक दिन पहले ही रामलाल के साथ मिलकर बना ली थी। उसने 9 फरवरी की रात को फोन करके रामलाल को लक्खूवाली के समीप इंदिरा गांधी नहर के पुल पर बुला लिया। रमेश ने जानबूझकर यहीं पर लघुशंका से निवृत होने के बहाने से कार को रोका। तत्पश्चात दोनों ने धक्का मार कर कार को नहर में गिरा दिया, जिससे विनोद बाघला, उसकी पत्नी रेणु, पुत्री इशिता और सुनीता भाटी की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि रामलाल नायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी रमेश की गिरफ्तारी पर राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा लगाई गई रोक को हटवाने के प्रयास किए जाएंगे।
गिरफ्तारी पर लगी रोक हटवाई जाएगी
मृतक विनोद के साले रमेश सिडाना निवासी वार्ड नंबर 25 श्रीविजयनगर द्वारा 16 फरवरी को रमेश पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज करवाए जाने पर जब पुलिस ने जांच शुरू कि तो रमेश स्वामी ने जोधपुर उच्च न्यायालय में याचिका लगा दी थी । सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने रमेश की गिरफ्तारी पर अस्थाई रोक लगा दी और उसे आदेशित किया कि बुलाए जाने पर अनुसंधान अधिकारी के समक्ष 15 दिन में पेश होना होगा। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक अनुसंधान अधिकारी ने कुछ संदिग्ध बिंदुओं की गहन जांच पड़ताल करने के बाद 15 दिन का नोटिस देकर रमेश को पूछताछ के लिए तलब किया। पूछताछ में रमेश हाजिर हुआ और उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक अभी क्योंकि उसके गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय की रोक लगी हुई है। रोक को हटवाने के प्रयास किए जाएंगे रमेश को बाद में गिरफ्तार किया जाएगा।
कृषि भूमि का सौदा बना कारण
डीएसपी प्रशांत कौशिक ने बताया कि मूल रूप से हरियाणा के समीपवर्ती सिरसा जिले में डबवाली शहर के वार्ड नंबर 33 निवासी विनोद बागला की संगरिया के समीप कृषि भूमि है। वह ग्रामोत्थान विद्यापीठ की लेखा शाखा में कार्यरत था। गत वर्ष जब संगरिया के पास भारत पहला प्रोजेक्ट के लिए कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जाना शुरू हुआ तो विनोद ब की कृषि भूमि इस प्रोजेक्ट में आ गई। मगर उससे पहले ही विनोद ने अपनी जमीन रमेश स्वामी को बेचने का सौदा कर लिया। रमेश भी ग्रामोत्थान विद्यापीठ में ही कर्मचारी था। रमेश की बाद में निकट की एक ग्राम पंचायत में सहायक कर्मी के रूप में संविदा के आधार पर नियुक्ति हो गई। मगर दोनों में दोस्ती कायम रही। इसी दोस्ती के चलते दोनों में जमीन का सौदा हुआ। सौदे की एवज में विनोद ने 15 लाख रुपए रुपए अग्रिम ले लिए लेकिन फिर वह रजिस्ट्री करवाने से टालमटोल करने लगा। रमेश के बार बार कहने पर भी विनोद ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई। विनोद सौदा निरस्त कर रकम वापस करना चाहता था लेकिन रमेश इसके लिए राजी नहीं था। वह जमीन की रजिस्ट्री करवाने पर अड़ा हुआ था। इस बात को लेकर दोनों में कुछ खटास उत्पन्न हो गई लेकिन मिलना जुलना बना रहा।अंदर ही अंदर रमेश ने विनोद को ठिकाने लगाने की योजना बनानी शुरू कर दी। डीएसपी के अनुसार इस सौदे को लेकर विनोद ने अपने घर बातचीत करने के लिए आए रमेश की एक दो बार बेज्जती कर दी थी। यह बात रमेश को काफी चुभ गई।
चालक बनकर यमदूत बन गया
डीएसपी कौशिक के मुताबिक जमीन सौदे के इस विवाद के बावजूद दोनों में ऊपरी तौर पर संबंध सामान्य रहे। इसी बीच रमेश को पता चला कि विनोद बड़ी बेटी का सीकर के कोचिंग सेंटर में एडमिशन करवाने जाने वाला है तो उसने विनोद को न केवल अपने साथ ले जाने के लिए मना लिया बल्कि कहा कि कार भी वही चलाएगा। एक दिन पहले 8 फरवरी को रमेश ने खेत में काम करने वाले रामलाल नायक को सारी योजना बता दी। योजना के अनुसार रामलाल 9 फरवरी की शाम को लक्खूवाली पहुंच गया। विनोद पत्नी और दोनों पुत्रियों को लेकर उस दिन सुबह सीकर रवाना हुआ। कार रमेश ही चला रहा था। एडमिशन करवाने के बाद शाम को जब यह परिवार वापस आने लगा तो सीकर में अपने बच्चों से मिलने आई हुई सरकारी अध्यापिका सुनीता भाटी (40) भी इनके साथ हो गई। संगरिया के समीप फतेहगढ़ की निवासी सुनीता नगराना के सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी। वह बाघला के परिवार की पूर्व परिचित थी। रमेश ने रात करीब 9:50 बजे लक्खूवाली के समीप इंदिरा गांधी नहर के पुल के साथ ढलान पर कार खड़ी कर दी। लघुशंका के लिए वह कार से उतर गया। बाकी 4 लोगों में से कोई भी कार से बाहर नहीं आया। पुलिस के मुताबिक दो-तीन मिनट बाद ही रमेश और रामलाल ने कार को नहर में धकेल दिया। रामलाल वहां से गायब हो गया। रमेश ने खुद ही लगभग 200 मीटर की दूरी पर लक्खूवाली चौकी में जाकर बताया कि कार नहर में गिर गई है। उसने बताया कि वह जब सड़क के दूसरी तरफ झाड़ियों में लघु शंका से निवृत्त होकर वापस आया तो कार नहीं मिली। कार के टायरों के निशान ढलान से नहर की तरफ जाते दिखाई दिए। इस पर रात को ही जिला मुख्यालय से राहत एवं बचाव कार्य के लिए राज्य आपदा प्रबंधन बल (एसडीआरएफ) के गोताखोरों को रवाना कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। सुबह गोताखोरों ने कार को बरामद किया तो उसमें चारों के शव बरामद हुए। विनोद आगे की सीट पर बैठा था और उसके सीट बेल्ट भी लगी हुई थी।
शक के बने कई आधार
घटना की रात को ही पुलिस को रमेश स्वामी द्वारा बताई गई बातों से शक होने लगा था कि यह एक स्वाभाविक दुर्घटना नहीं है। रमेश ने पुलिस को बताया कि ढलान पर गाड़ी खड़ी करते समय वह हैंड ब्रेक लगाना भूल गया था। यही बात पुलिस को सबसे ज्यादा खटकी। दूसरा जब पुलिस ने सीकर से संगरिया तक की दूरी और समय का मिलान किया, इससे भी शक हुआ। इस मेगा हाईवे पर सामान्य तौर पर सीकर से कार द्वारा संगरिया हद से हद साढे 4 घंटे में पहुंचा जा सकता है। उस दिन रमेश कार से शाम लगभग 5 बजे सीकर से रवाना हुआ था।उसे 10 बजे तो संगरिया पहुंच जाना चाहिए था, जबकि वह संगरिया से लगभग 70 किमी दूर लक्खूवाली ही पहुंचा था। वह जानबूझकर कार को धीरे चलाता रहा। विशेषकर रावतसर के बाद तो उसने गति काफी कम कर दी थी। वह चाहता था कि अंधेरा हो जाए और कोहरा भी छाया जाए। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने अपनी बातों को कई बार बदला। यही नहीं अगले दिन वह हनुमानगढ़ के एक हॉस्पिटल में भी भर्ती हुआ। बताया गया कि उसे गहरा सदमा लगा है। शुरू में पुलिस को इस कारण शक नहीं हुआ, क्योंकि दोनों दोस्त थे।
सुनीता ने फोन किया, बचा सको तो बचा लो
विगत 9 फरवरी की रात को जब कार इंदिरा गांधी नहर में गिरी तुरंत ही सुनीता ने पति संदीप को फोन किया। रात 10:01 बजे सुनीता की पति से महज 40 सेकेंड बातचीत हुई। उसने बताया कि कार नहर में गिर गई है।बचा सकते हो तो बचा लो। संदीप के पूछने पर सुनीता ने सिर्फ इतना ही बताया कि रावतसर से आगे किसी नहर में कार गिर गई है। संदीप पूछता रह गया कि कार कहां गिरी है। सुनीता का मोबाइल बंद हो गया। तत्पश्चात विनोद और रेणु के नंबर पर कॉल की गई तो उनके मोबाइल भी बंद थे। काफी देर बाद पता चला कि रमेश स्वामी इनके साथ गया था। विनोद और रमेश के आपसी लेनदेन की रंजिश में बेचारी सुनीता बेमौत मारी गई।
मजबूत साक्ष्य जुटाए
पुलिस के मुताबिक इस कथित हादसे की गुत्थी सुलझाने के लिए 5 महीने तक गहन अनुसंधान किया गया। हनुमानगढ़ के डीएसपी प्रशांत कौशिक और रावतसर के डीएसपी रणवीर मीणा तथा इनके कार्यालय के स्टाफ ने इन पांच महीनों के दौरान ऐसे कई अहम और मजबूत साक्ष्य जुटाए जिसके आधार पर मुख्य आरोपी रमेश स्वामी को तलब कर पूछताछ की गई तो उसके पास जुर्म स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन विशेषकर घटना से कुछ समय पहले रमेश और रामलाल की मोबाइल फोन पर हुई बातचीत कॉल डिटेल से पकड़ में आ गई। कुछ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी मिले हैं, जिसमें रामलाल घटना से पहले लक्खूवाली में दिखाई दिया। घटना से कुछ देर पहले उसका वहां होना महज इत्तेफाक नहीं था।उसके मोबाइल फोन की लोकेशन भी इसी इलाके में आई है। फिर रमेश और विनोद में कृषि भूमि को लेकर चल रहा विवाद भी सामने आ गया। इसकी गहराई में जाने पर खुलासा हुआ कि दोनों में 15 लाख की राशि का यह विवाद पिछले वर्ष से चला रहा था। गिरफ्तार रामलाल को कल अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड दरयाफ्त करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *