अव्यवस्थाओं के चलते ‘पिंक बूथ’ पर हंगामा, बंद करवाया वैक्सीनेशन
by seemasandesh
स्कूल प्रबंधन पर परिचितों को टोकन वितरित करने का लगाया आरोप
धक्का-मुक्की में एक-दूसरी पर गिरी महिलाएं, पुलिस कर्मियों से भी हुई तनातनी हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। महिलाओं के कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए टाउन स्थित व्यापार मण्डल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में बनाया गया पिंक बूथ रविवार को अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। स्कूल प्रबंधन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं न किए जाने से वैक्सीनेशन करवाने आई महिलाओं को कड़ी धूप में परेशान होना पड़ा। भारी भीड़ होने से पिंक बूथ पर अव्यवस्था हावी हो गई। धक्का-मुक्की में महिलाएं एक-दूसरे पर गिर गई। मौके पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ भी वैक्सीनेशन करवाने आई महिलाओं के पुरुष परिजनों की तनातनी हो गई। बाद में मौके पर पहुंचे सीएमएचओ ने वैक्सीनेशन बंद करवा दिया। जानकारी के अनुसार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम प्रयास कर सिर्फ 18 साल से अधिक आयु की महिलाओं का कोविड-19 वैक्सीनेशन के लिए टाउन स्थित व्यापार मण्डल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को अलग से ‘पिंक बूथ’ बनाया था। रविवार को होने वाले वैक्सीनेशन के लिए पिंक बूथ पर कोविशील्ड की 300 डोज उपलब्ध करवाई गई थी। इसके चलते महिलाएं रविवार सुबह करीब 5 बजे ही विद्यालय के गेट के बाहर एकत्रित होनी शुरू हो गई। गेट खुलने तक वैक्सीनेशन के लिए महिलाओं की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। भारी भीड़ होने से न तो पिंक बूथ पर लाइन का ध्यान रहा और न ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हुई। महिलाएं एक-दूसरी से धक्का-मुक्की करती हुई वैक्सीनेशन रूम में पहुंचने को आतुर दिखी। विद्यालय परिसर में प्रवेश के बाद महिलाएं अंदर कैंची गेट के सामने एकत्रित हो गई। गेट खुलते ही धक्का-मुक्की कर अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिलाएं एक-दूसरे पर भी गिरी। इस दौरान कुछ महिलाओं व उनके साथ आए पुरुष परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया कि बाद में आए परिचितों को स्कूल प्रबंधन की ओर से टोकन दे दिए गए। जबकि वे सुबह 5 बजे से खड़ी हैं और उन्हें टोकन नहीं दिए गए। उनका कहना था कि पिंक बूथ पर पानी-छांव सहित अन्य किसी तरह की व्यवस्था नहीं की गई। उधर, हंगामा कर रही महिलाओं व उनके पुरुष परिजनों को मौके पर तैनात टाउन पुलिस थाना के एसआई पूर्णसिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया तो वे उनसे ही उलझ गए। उनकी पुलिस अधिकारियों के साथ भी काफी बहसबाजी हुई। उधर, सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा मौके पर पहुंचे और अव्यवस्थाएं देख वैक्सीनेशन बंद करवा दिया। तब तक करीब डेढ़ सौ महिलाएं पिंक बूथ पर वैक्सीनेशन करवाने के लिए टोकन ले चुकी थीं। उन महिलाओं के चिकित्सा विभाग की टीम की ओर से वैक्सीनेशन किया गया। जबकि सीएमएचओ की ओर से शेष करीब 150 डोज एनएम लॉ कॉलेज में भिजवा दी गई। एनएम लॉ कॉलेज में सिर्फ पुरुषों का वैक्सीनेशन हुआ। सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने का कहना था कि विभाग की ओर से अलग से महिलाओं के लिए पिंक बूथ लगाने का यह पहला प्रयास किया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन की तरफ से कमियां रहने के कारण महिलाओं को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूल प्रबंधन की कमी में सुधार किया जाएगा। सीएमएचओ के अनुसार भविष्य में पर्याप्त व्यवस्था होने के बाद ही वैक्सीनेशन करवाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए अलग से पिंक बूथ लगाने का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा लेकिन पर्याप्त व्यवस्था के साथ। अव्यवस्थाओं के बीच वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। इस मौके पर बीसीएमओ डॉ. ज्योति धींगड़ा, स्कूल प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारी भी मौजूद थे।