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सरकारी खाले में बने नाके को द्वेषतावश बंद करने का आरोप

  • जल संसाधन विभाग कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठा किसान, भूख हड़ताल की चेतावनी
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    सरकारी खाले में बने नाके को द्वेषतावश बंद करने का आरोप लगाते हुए एक किसान बुधवार को जल संसाधन खण्ड प्रथम हनुमानगढ़ के अधिशाषी अभियंता कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गया। किसान ने आरोप लगाया कि विभाग के सहायक अभियंता ने सुनवाई किए बगैर उसका नाका निरस्त कर दिया। धरने पर बैठे किसान वेदप्रकाश पुत्र तुलछाराम जाट निवासी चक 3 एमएमके नाथवाना तहसील संगरिया ने बताया कि जल संसाधन उपखण्ड हनुमानगढ़ के सहायक अभियन्ता एवं जल उपयोक्ता संगम मम्मडखेड़ा वितरिका प्रणाली बीके 39 अध्यक्ष की ओर से उसे 18 जून को नोटिस दिए गए कि चक नम्बर 3 एमएमके में सरकारी पक्के खाले से नाजायज नाका करके सिंचाई की जाती है। उक्त नोटिस उसके अलावा 10 अन्य किसानों को भी जारी किए गए हैं। लेकिन सहायक अभियन्ता ने द्वेषता रखते हुए उसे बिना सुने, बिना कोई पक्ष जाने, उसके नाका को निरस्त कर दिया है। इसके कारण उसकी पानी की एक बारी 30 जून को खराब हो चुकी है। आगामी पानी की बारी भी खराब होने की कगार है। इससे उसे न पूरा होने वाला नुकसान हो रहा है। वेदप्रकाश के अनुसार सरकारी पक्के खाले से अपने रकबे में पानी लगाने के लिए वैकल्पिक नाका की व्यवस्था करना आवश्यक है। खेत में नरमे की फसल खड़ी है। करीब एक माह से पानी की व्यवस्था न होने से कारण वह पानी नहीं लगा सका। इसके कारण नरमा की फसल बर्बाद हो जाएगी। इसकी सारी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की ही होगी। वेदप्रकाश के अनुसार वह 15 दिनों से लगातार सिंचाई विभाग के कार्यालय में सिंचाई व्यवस्था को बहाल करने के संबंध में निरंतर चक्कर लगा रहा है लेकिन विभाग की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसे हर रोज झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। अब वह पूरी तरह हताश और निराश हो चुका है तथा अपने नरमे की फसल को बर्बाद होते देखकर धरना लगाने को मजबूर हुआ है। किसान वेदप्रकाश के अनुसार वह तीन दिन 16 जुलाई तक धरने पर बैठेगा। कार्रवाई न हुई तो 17 जुलाई से बेमियादी समय के लिए भूख हड़ताल शुरू कर देगा। इसकी सारी जिम्मेदारी सिंचाई विभाग व प्रशासन की होगी। इस दौरान चक के कई अन्य किसान भी मौजूद थे।

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