जयपुर
पिछले 17 दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से राजस्थान में 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। इस प्राकृतिक आपदा के आने की सूचना अगर लोगों को कुछ समय पहले मिल जाए तो इससे बचा जा सकता है। इसके लिए सरकार ने मौसम विभाग की भविष्यवाणी को सार्वजनिक करने का फैसला किया है। बिजली गिरने की सूचना को लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार मोबाइल ऐप का सहारा लेगी। केन्द्र सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की ओर से बनाए दामिनी ऐप को लोग ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड करें इसके लिए सरकार इसका प्रमोशन करवाएगी।
वर्तमान में यह दामिनी ऐप काम कर रहा है। मिनीस्ट्री ऑफ अर्थ एण्ड साइंस की ओर से यह ऐप बनाया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप की खासियत ये है कि यह जीपीएस के जरिए आपके लोकेशन को ट्रेस करके उसके 20 से 40 किलोमीटर के एरिया की रियल टाइम स्थिति को दर्शाएगा। इसमें रियल टाइम इन्फोर्मेशन के अलावा बिजली से बचने के लिए गाइडलाइन भी दी गई है।
बता दें कि जयपुर के आमेर महल के सामने 11 जुलाई को बिजली गिरने से 11 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौसम विभाग की तमाम भविष्यवाणी को आमजन के लिए सार्वजनिक करने का निर्णय किया था। मौसम विभाग जयपुर की ओर से बिजली गिरने की संभावना, तेज बारिश की संभावना का अलर्ट 2-3 घंटे पहले जारी करता है। विभाग की ओर से इसे कई वॉट्सऐप ग्रुप पर भी शेयर किया जाता है। इसके अलावा मौसम विभाग जयपुर की सोशल मीडिया एकाउंट पर भी रेगुलर अपडेट किया जाता है।
40 KM एरिया की चेतावनी दिखेगी ऐप पर
इस मोबाइल ऐप पर लोगों को अपने आस-पास के 40 किलोमीटर एरिया की मौसम विभाग की सूचना मिलेगी। इसमें ये पता चल सकेगा कि किस एरिया में बिजली कड़कने की संभावना है और कहां गिरने की आशंका है। ये ऐप मोबाइल पर गूगल के जरिए आपकी लोकेशन और उसके 40 किलोमीटर एरिया की लोकेशन को ट्रेस करेगा। इस लोकेशन में अगर कहीं बिजली कड़कने की भविष्यवाणी मौसम विभाग ने जारी की होगी तो ऐप उसे आपके मोबाइल स्क्रीन पर दिखाएगा।

जयपुर में आमेर महल के समाने वॉच टॉवर पर गिरी थी बिजली।
ऐप डाउनलोड करवाने के लिए किया जाएगा प्रमोशन
मुख्य सचिव ने पिछले दिनों सभी जिला कलेक्टर और आपदा राहत विभाग के अधिकारियों की एक बैठक ली थी। जिसमें इस ऐप को प्रमोट करने के निर्देश दिए थे। सभी जिलों के कलेक्टर को निर्देश दिए गए कि वे ज्यादा से ज्यादा अपने जिलों में इस ऐप को प्रमोट करके लोगों को डाउनलोड करने के लिए जागरुक करें। इसके अलावा बिजली गिरने पर क्या करें, क्या न करें इसके बारे में लोगों को जानकारी दें।

जयपुर के आमेर में हुए हादसे के बाद की तस्वीर, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी।
49 लोगों की आपदा में हुई मौत
राजस्थान में बिजली गिरने और तेज पानी में बहने से इस मानसून सीजन में अब तक कुल 49 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें बिजली गिरने से 46, जबकि पानी में बहने से 3 लोग शामिल हैं। इसके अलावा 51 लोग बिजली गिरने से घायल हो गए। इसी तरह बिजली, पानी में बहने से 115 पशु-मवेशियों की भी मौत हुई है।