ट्रक यूनियन के बाद ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन ने किया प्रदर्शन
कार्रवाई करने पर छापामारी करने की दी चेतावनी
श्रीगंगानगर। जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारी दो पाटों में फंस गए हैं। वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू की अगुवाई में आज ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन के कार्यकर्ताओं ने हनुमानगढ़ मार्ग पर जिला परिवहन कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि अगर किसी ट्रैक्टर ट्रॉली वाले के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई की गई तो परिवहन विभाग के अधिकारियों पर जवाब में छापामार कार्रवाई की जाएगी।इन अधिकारियों को ओवरलोड ट्रक तथा ट्रक ट्रेलरों से चौथ वसूली करते हुए रंगे हाथ पकड़ा जाएगा। माकपा के पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल, सीटू के जिला सचिव बीएस राणा, वरिष्ठ नेता एडवोकेट भूरामल स्वामी, साधू सिंह तथा प्रकाश राव आदि की अगुवाई में प्रदर्शन में काफी संख्या में ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन के चालक परिचालक तथा मजदूर शामिल हुए।
इससे पहले परसों ट्रक यूनियन ने शहर में प्रदर्शन करते हुए नेशनल हाईवे 62 पर ट्रक खड़े कर लगभग 2 घंटे तक यातायात अवरुद्ध किए रखा। ट्रक यूनियन ने जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर ट्रैक्टर ट्रॉली वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो उनके खिलाफ कड़ा आंदोलन किया जाएगा।जिला प्रशासन और जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन देकर ट्रकों का जाम हटवाया था। फलस्वरूप परिवहन की ओर से ट्रैक्टर ट्रॉलियों से नई अनाज मंडी, वेयरहाउस, बिल्डिंग मैटेरियल स्टोर तथा अन्य स्थानों से कृषि जिंस और दूसरे सामान ढुलाई करने वालों को कार्रवाई करने की चेतावनी पत्र द्वारा दी गई। इसके विरोध में आज ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन के पदाधिकारियों ने वामपंथी नेताओं व सीटू नेताओं की अगुवाई में प्रदर्शन क विरोध जताया। मांग की गई कि ओवरलोड माल ले जाने वाले ट्रकों तथा ट्रक ट्रेलरों के विरुद्ध कारवाई की जाए। लिहाजा परिवहन विभाग के अधिकारी दोनों तरफ से फंस गए हैं। आज परिवहन विभाग कार्यालय में परिवहन अधिकारी की अनुपस्थिति में एक परिवहन निरीक्षक हेतराम को सीटू की ओर से ज्ञापन दिया गया। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अगर ट्रैक्टर ट्रॉली वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो परिवहन कार्यालय का दोबारा घेराव कर कर आंदोलन किया जाएगा।
दरअसल,यह सारा विवाद नई अनाज मंडी वेयरहाउस, ईंट भट्ठों आदि स्थानों से माल की ढुलाई को लेकर उभरा है। लंबे समय तक कोरोना लॉकडाउन लागू रहने के कारण माल की ढुलाई नहीं हुई।इस कारण ट्रक ऑपरेटर काफी तंगी में हैं। उन्होंने पहले ट्रक मजदूर यूनियन गठित कर सीटू के साथ जुड़ने का प्रयास किया। मगर जैसे ही इस ट्रक यूनियन में मजदूरों की बजाय ट्रक मालिकों के होने का पता चला और माल की ढुलाई को लेकर विवाद होने लगे तो सीटू ने अपनी संबद्धता खत्म कर दी। इसके बाद ट्रक ऑपरेटरों ने बैठकें कर दोबारा ट्रक यूनियन गठित की। इसकी अगुवाई में परसों नेशनल हाईवे 62 पर शहर के अंदर ही शिव चौक के पास जाम लगाया गया। ट्रक यूनियन वालों का कहना है क अनाज मंडियों, वेयरहाउसेज, ईंट भट्ठों तथा अन्य स्थलों से ट्रैक्टर ट्रॉली वाले अवैध रूप से माल की ढुलाई करते हैं। लगभग सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कृषि कार्य और खेतों से कृषि जिंस अनाज मंडियों तक पहुंचाने के लिए रजिस्टर्ड हैं, ना कि माल की ढुलाई करने के लिए। रेलवे माल गोदाम में आने और जाने वाले माल की ढुलाई भी ज्यादातर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से की जाती है। बहुत कम ट्रक नजर आते हैं।
परिवहन विभाग सूत्रों के मुताबिक ट्रैक्टर ट्रॉलियों से इस प्रकार माल की ढुलाई करना गैर कानूनी है, लेकिन इनकी मजबूत यूनियन होने और सीटू नेताओं का वरदहस्त होने के कारण विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता। दूसरी तरफ ट्रक मालिकों का कहना है कि उन्होंने भी लाखों रुपए खर्च करके अथवा लोन लेकर वाहन खरीद रखे हैं। ढुलाई के लिए पर्याप्त माल नहीं मिलने के कारण वे आर्थिक संकट में हैं। सीटू नेताओं ने आज प्रदर्शन के दौरान कहा कि जो व्यवस्था चली आ रही है, उसे चलने दिया जाए। अनाज मंडी में माल ढुलाई का सारा कंट्रोल ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन के पास है। इसमें कोई छेड़छाड़ की गई तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कार्रवाई की गई तो परिवहन विभाग के अधिकारियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। यह अधिकारी जिस रोड और चौराहे पर खड़े होकर आते जाते ट्रक वालों से अवैध वसूली करते हैं, छापामार पद्धति अपनाकर उन को रंगे हाथ पकड़ा जाएगा। परिवहन विभाग के अधिकारी दोनों तरफ से फंस गए हैं। एक तरफ ट्रक यूनियन दबाव दे रही है कि अवैध रूप से माल की ढुलाई करने वाली ट्रैक्टर ट्रॉलियों के खिलाफ कारवाई की जाए। दूसरी तरफ ट्रैक्टर ट्रॉली यूनियन वालों ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा किया गया तो अधिकारियों की चोरी तथा लूट को उजागर कर दिया जाएगा।