मुंबई
सरकार ने जुलाई में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) से होने वाले कलेक्शन का आंकड़ा जारी कर दिया है। यह 1 लाख 16 हजार 393 करोड़ रुपए रहा, जबकि जून में कलेक्शन का आंकड़ा 92,849 करोड़ रुपए रहा था। वित्त मंत्रालय ने रविवार को GST रेवेन्यू कलेक्शन का डेटा जारी किया।
GST कलेक्शन सालाना आधार पर 33% बढ़ा
जुलाई में GST का ग्रॉस कलेक्शन का डेटा साल भर पहले से 33% ज्यादा है। इससे पहले देश में कोरोना की दूसरी लहर से लागू जगह-जगह लॉकडाउन से कलेक्शन का आंकड़ा जून में 8 महीने बाद 1 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों में ढील से जुलाई में GST कलेक्शन का आंकड़ा एक बार फिर 1 लाख करोड़ रुपए के पार निकला। इससे स्पष्ट रूप से इकोनॉमी में तेजी से रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी GST कलेक्शन का आंकड़ा बढ़ने की उम्मीद है।
वित्त मंत्रालय के मुताबिक कुल GST कलेक्शन में केंद्र सरकार का हिस्सा यानी CGST का हिस्सा 22,197 करोड़ रुपए, राज्यों का हिस्सा यानी SGST का हिस्सा 28,541 करोड़ रुपए, इंटीग्रेटेड यानी IGST का 57,864 करोड़ रुपए और सेस का 7,790 करोड़ रुपए शामिल है।
GST कलेक्शन का यह आंकड़ा 1 जुलाई से 31 जुलाई के बीच का है। इस दौरान टैक्स से जुड़ी कई रियायतें दी गई हैं, जिसमें ITR फाइलिंग की डेडलाइन को 15 दिनों तक बढ़ाया जाना भी शामिल है। इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती भी की गई है। सरकार ने रेगुलर सेटलमेंट के तौर पर जुलाई में IGST से 28,087 करोड़ रुपए का CGST और 24,100 करोड़ रुपए का SGST सेटल किया।
राज्यवार GST कलेक्शन का आंकड़ा

कारोबारियों के लिए भी बड़ी राहत
सरकार ने कारोबारियों को बड़ी राहत दिया है। अब 5 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस करने वाले GST टैक्सपेयर्स अपने सालाना रिटर्न को खुद ही प्रमाणित कर सकेंगे। इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से अनिवार्य ऑडिट सर्टिफिकेशन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इस पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) ने निर्देश जारी कर दिया है।