सिंचाई पानी के लिए श्रीविजयनगर में में तीसरे दिन भी किसानों का महापड़ाव जारी वार्ता में नहीं बनी सहमति
श्रीगंगानगर । इंदिरा गांधी नहर परियोजना की सूरतगढ़ शाखा में सिंचाई पानी की मांग को लेकर श्रीबिजयनगर में सिंचाई विभागकार्यालय के समक्ष किसानों का महापड़ाव आज तीसरे दिन भी जारी रहा। महापड़ाव में किसानों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। किसान प्रतिनिधियों की रेगुलेशन खंड के अधीक्षण अभियंता भगवानाराम बिश्नोई सहित सिंचाई विभाग के अन्य अधिकारियों से एसडीएम तहसीलदार की मध्यस्थता में आज वार्ता बेनतीजा रही। किसानों के महापड़ाव में शांति व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उप अधीक्षक सहित 6 थानों के थानाधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ तैनात हैं। आज वार्ता में सहमति नहीं बनने पर किसानों ने 21 अगस्त को प्रशासन ठप करने का ऐलान कर दिया। किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
अखिल भारतीय किसान सभा की केंद्रीय किसान कौंसिल के सदस्य श्योपत मेघवाल ने कहा कि सिंचाई पानी के बिना सूरतगढ़ शाखा पर आश्रित किसान व खेत बर्बाद हो जाएंगे।इन्ही खेतों पर आधारित मंडियों में भी ताला लगने नौबत आ जायेगी सूरतगढ़ शाखा में सिंचाई पानी को लेकर किसानों ने बार बार राज्य सरकार व सिंचाई विभाग को अवगत कराया है। वहीं धरने प्रदर्शन आयोजित कर सिंचाई पानी की मांग की है। इसके बावजूद सूरतगढ़ शाखा को शुरु नहीं किया गया।श्योपत मेघवाल ने कहा कि संवेदनशील दावा करने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार में किसान की बात सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसान यदि सिंचाई कार्यालय के सामने भूखा प्यासा रहेगा तो प्रशासन व सरकार भी चैन की नींद नहीं लेगी।
किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष सुनील गोदारा ने आह्वान किया कि सूरतगढ़ शाखा के किसानों को खुद अपने हक़ का पानी लेने के लिए एकता करनी होगी। वरना न खेत बचेंगे न पशुधन बचेगा।भवानी पंवार,गुरसेवक ग्रेवाल,राजा हेयर, तेजासिंह बराड़, जसवंतसिंह,लोकेंद्र कुलड़िया, गुरचरणसिंह, प्रवीण बिश्नोई, देशराज,हेतराम सीगड़,रणवीर गोदारा,अजय बिश्नोई, शिवभगवान सहित बड़ी संख्या में किसानों ने प्रशासन ठप का ऐलान करते हुए कहा कि 21 अगस्त को किसानों की सहमति के बिना पत्ता तक नहीं हिलेगा। इस के लिए राज्य सरकार व सिंचाई विभाग जिम्मेदार होगा