श्रीगंगानगर। सूरतगढ़ शहर पुलिस ने भारतीय खाद्य निगम एफसीआई का लगभग 6 लाख रुपए मूल्य का गेहूं गायब करने के आरोप में पंजाब के एक शातिर व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति सूरतगढ़ से जोधपुर ट्रक में गेहूं ले जाने के बजाय पंजाब में ले गया। अनेक स्थानों पर गेहूं बेचकर रूहपोश हो गया। पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया यह व्यक्ति बूटासिंह उर्फ कुलदीपसिंह पंजाब के मानसा जिले में उब्बा गांव का निवासी है।जिस ट्रक में गेहूं ले जाया गया,उसे गुवाहाटी (आसाम) में कहीं छुपाया हुआ है। पंजाब में जहां-जहां गेहूं बेचा गया, पुलिस बरामद करने का प्रयास कर रही है।प्रकरण की जांच कर रहे एएसआई नूर मोहम्मद ने बताया कि विगत 19 जुलाई को जगदेवसिंह मेहरासिख(26) निवासी वार्ड नंबर 22, सरस्वती स्कूल के पीछे पीलीबंगा जिला हनुमानगढ़ ने चंचलसिंह निवासी मालावाला तहसील जीरा जिला फिरोजपुर, बूटासिंह पुत्र गुरदेवसिंह निवासी जिला मानसा, कुलदीप सिंह ट्रक चालक तथा कुलदीप बिश्नोई निवासी बिश्नोई रोडलाइन्स बाईपास हनुमानगढ़ जंक्शन पर षडयंत्रपूर्वक एफसीआई का गेहूं गायब करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था। सूरतगढ़ से जोधपुर के गोदामों में गेहूं परिवहन करने का ठेका लेने वाली एक कंपनी मैसेज मिड्डा लॉजिस्टिक सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, शंकर मार्केट नजदीक सेठी पैलेस, अबोहर जिला फाजिल्का (पंजाब)के कर्मचारी जगदेवसिंह ने मुकदमे में बताया कि बिश्नोई रोड लाइन ट्रांसपोर्ट कंपनी से 7 जुलाई को मंगवाए गए ट्रक (पीबी05 वाई 6378) से सूरतगढ़ से गेहूं के 660 कट्टे जोधपुर रवाना किए गए थे। ट्रक में माल भरते समय उसकी आरसी और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो कॉपी ली गई थी। ट्रक और चालक-परिचालक की तस्वीरें भी ली गईं।लगभग छह लाख कीमत का गेहूं 2 दिन में जोधपुर पहुंच जाना चाहिए था लेकिन नहीं पहुंचा। तीन-चार दिन बाद उन्होंने ट्रक चालक कुलदीपसिंह द्वारा दिए गए नंबर पर संपर्क किया गया तो वह बंद था।काफी प्रयास करने पर भी चालक-परिचालक, ट्रक और माल का कुछ भी पता नहीं चला। जांच अधिकारी के अनुसार ट्रक में माल लोड किए जाने के समय जो कागजात तथा तस्वीरें ली गई थीं, उसके आधार पर पड़ताल करते हुए अब बूटा शसिंह को गिरफ्तार किया गया है। बूटासिंह ने कुलदीपसिंह के नाम से फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बना रखा है।यही लाइसेंस दिखाकर और सूरतगढ़ के गोदाम से माल ले जाने की रसीद पर चालक के रूप में वह हस्ताक्षर कर गया था। जांच में पता चला है की ट्रक के नंबर भी फर्जी थे। ट्रक पर जो नंबर लगा रखे थे, वह ट्रक वास्तव में चंचलसिंह के नाम से रजिस्टर्ड है जबकि चंचलसिंह का इस मामले से कोई लेना-देना ही नहीं है। किसी नंबर की बूटा सिंह ने ट्रक की आरसी बनवा रखी थी। बूटा सिंह से पूछताछ में पता चला कि वह जिस ट्रक में गेहूं लेकर गया था, वह ट्रक पंजाब में फतेहगढ़ साहिब के एक व्यक्ति से उसने कुछ दिन पहले ही खरीदा था। बूटा सिंह ने अपने पास ट्रक खरीद के संबंध में फॉर्म 29-30 होना बताया है।अब यह ट्रक गुवाहाटी में कहीं खड़ा है। पुलिस ने यह ट्रक चोरी का होने का अंदेशा जताया है। गेहूं को उसने छोटे-छोटे हिस्सों में पंजाब में कई जगह बेच दिया। जांच अधिकारी ने बताया कि बूटासिंह उर्फ कुलदीपसिंह नामक इस शातिर पर इसी प्रकार से ट्रकों में माल भरकर गायब कर देने के दो तीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज होने का पता चला है। इनका रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है। विगत 7 जुलाई को जब बूटासिंह सूरतगढ़ के गोदाम से गेहूं लेने आया था, तब साथ में बंटी नाम का परिचालक भी था। बंटी पंजाब का निवासी बताया जा रहा है,जो अभी पकड़ से बाहर है।