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साल 2022 में रहना है सेहतमंद

साल 2022 में रहना है सेहतमंद

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नई दिल्ली साल 2022 आने वाला है। बीता हुआ साल कोरोना वायरस के खतरे के बीच गुजरा। हर कोई नए साल में स्वस्थ और कोरोना मुक्त जीवन चाहता है लेकिन रोग तारीख बदलने से आते-जाते नहीं। इसके लिए आपको स्वयं प्रयास करना होता है। ऐसे में साल 2022 में स्वास्थ्य को लेकर कुछ संकल्प लें। स्वस्थ मन और सेहतमंद शरीर के लिए अपने खानपान में बदलाव लाएं। नए साल से एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए पोषण से भरपूर आहार को अपनी डाइट में शामिल करें। कोविड की तीसरी लहर की आशंका अब भी बनी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने लोगों को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों को खानपान में शामिल करने की सलाह दी है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, घर में ही कई सारी ऐसी दिव्य औषधियां और आयुर्वेद आपको आसानी से मिल सकते हैं, जिनका नियमित सेवन शर...
सर्दियों में बच्चों को बचाना है ठंड से

सर्दियों में बच्चों को बचाना है ठंड से

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नई दिल्ली सर्दियां आ गई हैं। सर्दियों में कई तरह की बीमारियां होने का खतरा होता है। ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार होते हैं। उन्हे बहुत जल्द सर्दी लग जाती है, जिससे तरह तरह की बीमारियां होने लगती हैं। इसलिए सर्दियों में सबसे पहले बच्चों को बचा कर रखने पर ध्यान दिया जाता है। सर्दी बढ़ने पर अक्सर बच्चों को फ्लू और निमोनिया की शिकायत होने लगती है। सर्दी और खांसी जुकाम से भी बच्चे परेशान हो जाते हैं। खास कर 10 साल के बच्चों को सर्दियों में काफी समस्या होती है। ऐसे में जरूरी है कि ठंड से बच्चों को बचाया जाए। सर्दियों के मौसम में खान पास से लेकर रहन सहन तक पर ध्यान देने की जरूरत होती है। चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों को होने वाले बुखार या खांसी-जुकाम की शिकायत को हल्के में न लें। यहां कुछ आसान से उपाय बताए जा रहे हैं जिससे बच्चों को सर्दियों में बचाना होता है जरूरी। ...
ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो गेम्स से बच्चों में बढ़ रहा डिप्रेशन का खतरा

ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो गेम्स से बच्चों में बढ़ रहा डिप्रेशन का खतरा

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कनाडा के वैज्ञानिकों ने एक हालिया रिसर्च में पाया है कि क्लास रूम में बैठने के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों में डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, कोरोनाकाल के दौरान ज्यादा टीवी देखने और ऑनलाइन गेम खेलने से 2 से 4 साल तक के बच्चों में भी डिप्रेशन और व्यवहार संबंधी समस्याएं जन्म ले रही हैं। बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन का कनेक्शन कनाडा के हॉस्पिटल फॉर सिक चिल्ड्रन के विशेषज्ञों ने रिसर्च में बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन के कनेक्शन का पता लगाया। उन्होंने करीब 2 हजार स्कूली बच्चों के माता-पिता से बात कर कोरोना के समय बच्चों की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट बनाई। बच्चों में लड़के और लड़कियों की संख्या समान थी। रिसर्च में यह बात सामने आई कि बच्चों की मेंटल हेल्थ से डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल का सीधा कनेक्शन है। औसतन 11 साल के बच्चों में ऑनलाइन पढ़ाई करने...
बढ़ते ओमिक्रॉन के बीच फेस मास्क अपग्रेड करना जरूरी

बढ़ते ओमिक्रॉन के बीच फेस मास्क अपग्रेड करना जरूरी

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दुनिया भर के डॉक्टरों के अनुसार, फेस मास्क पहनना कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय है। इससे भी ज्यादा जरूरी है सही मास्क का उपयोग करना। ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बीच विशेषज्ञ ये चेतावनी दे रहे हैं कि यदि आप सिर्फ क्लॉथ मास्क पहनते हैं, तो कोरोना से बचना आपके लिए काफी मुश्किल है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में लोगों के मास्क न पहनने पर चिंता जताई थी। कपड़े के मास्क से क्या है नुकसान? क्लॉथ मास्क सूक्ष्म कणों को शरीर के अंदर जाने से नहीं बचा पाता है। इससे बड़े ड्रॉपलेट्स तक आर-पार हो जाते हैं। अमेरिकन कॉन्फ्रेंस ऑफ गवर्मेंटल इंडस्ट्रियल हाईजीनिस्ट्स के मुताबिक, कपड़े के मास्क में 75% लीकेज होता है। रिसर्च में पाया गया है कि कपड़े के मोटे मास्क भी मेडिकल ग्रेड मास्क से अच्छा काम नहीं कर सकते। अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीस कंट्रोल (CDC) की माने...
वैज्ञानिकों ने मिस्र के राजा की 3,500 साल पुरानी ममी को डिजिटली खोला, 3D स्कैनिंग की मदद से की स्टडी

वैज्ञानिकों ने मिस्र के राजा की 3,500 साल पुरानी ममी को डिजिटली खोला, 3D स्कैनिंग की मदद से की स्टडी

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फ्रंटियर्स इन मैडिसिन में प्रकाशित हुई एक रिसर्च के वैज्ञानिकों ने तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल कर दिखाया है। मिस्र के जिस राजा की 3,500 साल पुरानी ममी (संरक्षित शव) को आज तक असल में कभी नहीं खोला गया, उसे अब वर्चुअली खोल दिया गया है। इसका मतलब, वैज्ञानिकों ने कम्प्युटर की मदद से इस ममी के अवशेषों की जांच की है। साथ ही, राजा के जन्म से लेकर मृत्यु तक की सारी डीटेल्स का पता लगाया है। ये है मिस्र के राजा अमेनहोटेप I की ममी 3,500 साल पुरानी यह ममी मिस्र के राजा अमेनहोटेप I की है। इसे 1881 में खोजा गया था। हालांकि, ये ममी इतनी नाजुक है कि सदियों बाद भी वैज्ञानिकों ने इसे पूरी तरह खोलने की हिम्मत नहीं की। अमेनहोटेप I ने मिस्र पर 1525 से 1504 ई. पूर्व 21 साल राज किया था। वह मिस्र के 18वें राजवंश का दूसरा राजा था। अपने शासन के दौरान उसने मिस्र में कई मंदिर बनवाए थे।...
रीप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी इन 4 समस्याओं को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

रीप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी इन 4 समस्याओं को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

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महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनका रीप्रोडक्टिव (प्रजनन) स्वास्थ्य भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। आज अधिकतर महिलाएं इससे संबंधित किसी न किसी परेशानी से जूझ रही हैं। इसका कारण जीवनशैली में परिवर्तन और रीप्रोडक्टिव स्वास्थ्य के विषय पर जागरूकता की कमी होना है। लेकिन, यदि इससे जुड़ी समस्याओं को समय पर पहचान लिया जाए, तो भविष्य में बहुत सी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।...
अफ्रीकी मेंढक के सेल्स से बना रोबोट

अफ्रीकी मेंढक के सेल्स से बना रोबोट

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अमेरिका में वैज्ञानिकों की एक टीम ने मेंढक के सेल्स (कोशिकाओं) से जिंदा रोबोट बनाया है। इसका नाम 'जेनोबोट' रखा गया है। जेनोबोट की खासियत है कि यह खुद के रेप्लीका बनाने में सक्षम है। यह एक बायोलॉजिकल रोबोट है, यानी यह आनुवंशिक रूप से मेंढक के सेल्स से बना जीव है। मात्र 0.04 इंच बड़ा यह रोबोट साथी जेनोबोट्स के साथ मिलकर एक सेना की तरह काम करता है। रोबोटिसिस्ट सैम क्रीगमैन का कहना है कि इस रोबोट को बनाने के पीछे उनका उद्देश्य जानवरों के विकास और उनमें रीप्रोडक्शन की प्रक्रिया को समझना था।...
ऑस्ट्रेलिया में मिली चलने वाली दुर्लभ मछली:100 साल में पांचवी बार दिखी ‘पिंक हैंडफिश’

ऑस्ट्रेलिया में मिली चलने वाली दुर्लभ मछली:100 साल में पांचवी बार दिखी ‘पिंक हैंडफिश’

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ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवैल्थ साईंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (CSIRO) के वैज्ञानिकों को एक ऐसी दुर्लभ मछली मिली है, जो समुद्र के अंदर अपने हाथों से चलती है। इस मछली का नाम है 'पिंक हैंडफिश'। इसे आखरी बार 22 साल पहले तस्मानिया तट के पास 1999 में देखा गया था। ये मछली इतनी दुर्लभ है कि तकरीबन 100 साल पहले डिस्कवर होने के बाद इसे अब तक केवल 5 बार ही देखा गया है। क्या होती है पिंक हैंडफिश? पिंक हैंडफिश एंगलरफिश परिवार की सदस्य है। इसके फिंस का स्ट्रक्चर छोटे-छोटे हाथों जैसा होता है। इनका इस्तेमाल ये तैरने के साथ-साथ समुद्र तल पर चलने के लिए भी करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पिंक हैंडफिश काफी छोटी और डिटेक्ट करने में मुश्किल होती है। ये केवल 15 सेंटीमीटर बड़ी होती है। चूंकि इस मछली को आखरी बार 22 साल पहले देखा गया था, इसलिए हाल ही में वैज्ञानिकों ने इसे एंडेंजर्ड घोषित कर दिय...
सर्दी है या कोरोना?:ब्रिटेन में सर्दी-खांसी के 50% मामले असल में कोरोना के केस

सर्दी है या कोरोना?:ब्रिटेन में सर्दी-खांसी के 50% मामले असल में कोरोना के केस

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यूनाइटेड किंगडम की जो कोविड स्टडी टीम कोरोना महामारी को नजदीक से ट्रैक कर रही है। एक हालिया रिसर्च में टीम के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ब्रिटेन में सर्दी-खांसी के 50% मामले असल में कोरोना के केस होंगे। उनके मुताबिक, यूके में पिछले हफ्ते कोरोना का 'विस्फोट' हुआ है, जिसकी वजह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन है। ब्रिटेन में हर दिन 1 लाख 44 हजार लोग इन लक्षणों के साथ बीमार हो रहे हैं। यहां कोरोना के मामले हर दो से तीन दिन में दोगुने हो रहे हैं। 16 दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक, लंदन में रहने वाले 20 में से 1 व्यक्ति कोरोना संक्रमित था।...
सुबह-सुबह खाली पेट पिएं मेथी का पानी, डायबिटीज से लेकर पेट संबंधी समस्याओं को रखें अंडर कंट्रोल

सुबह-सुबह खाली पेट पिएं मेथी का पानी, डायबिटीज से लेकर पेट संबंधी समस्याओं को रखें अंडर कंट्रोल

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चाहे सब्जी हो या लड्डू, हमारे देश में मेथी किसी न किसी रूप में इस्तेमाल की जाती है। इसका कारण- ये कई तरह के रोग घर बैठे ही ठीक कर देती है। मेथी में बहुत सारे विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं। यह दवाई से लेकर कॉस्मेटिक तक, हर तरह के घरेलू नुस्खे के रूप में काम आती है। सुबह उठकर सबसे पहले मेथी के दाने का पानी पीने से शरीर के दूषित तत्व बाहर निकल जाते हैं। साथ ही, डायबिटीज और कब्ज जैसी समस्याएं कंट्रोल में रहती हैं। मेथी का पानी कैसे बनाएं मेथी का पानी बनाने में केवल 10 मिनट का समय लगता है। आप एक से डेढ़ चम्मच मेथी के दानों को रात में ही पानी में भिगो दें। सुबह उठकर इस पानी को अच्छी तरह छान लें। फिर इसे खाली पेट पी जाएं। बचे हुए मेथी दानों को फेकने की जगह बाद में खा भी सकते हैं। ध्यान रखें, मेथी गर्म होती है इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।...