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लाइफस्टाइल

अपनी डाइट में शामिल करें फूड्स का इंद्रधनुष, ये जीवन बढ़ाएगा

अपनी डाइट में शामिल करें फूड्स का इंद्रधनुष, ये जीवन बढ़ाएगा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
वैसे तो दुनिया में कई तरह की डाइट मौजूद हैं, पर इनमें सबसे खास है रेनबो डाइट। डॉक्टरों के अनुसार, खाने में इंद्रधनुष का हर रंग शामिल करने से शरीर में अलग-अलग पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है। इनमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स बॉडी के सेल्स (कोशिकाओं) को नुकसान से बचाते हैं, जिससे आपकी उम्र लंबी होती है। आइये जानते हैं रेनबो डाइट में शामिल फूड्स और उनके फायदे.. लाल फूड लाल रंग की अधिकतर सब्जियां और फल हमारे दिल के लिए फायदेमंद होती हैं। लाल शिमला मिर्च, अनार, टमाटर, चुकंदर, तरबूज, सेब और स्ट्रॉबेरी जैसी चीजों में लायकोपीन नामक एंटीऑक्सिडेंट होता है। ये कैंसर और दिल संबंधी गंभीर बीमारियों को दूर रखता है। साथ ही, इनके लाल रंग के लिए जिम्मेदार एंथ्रॉसाइनिन कंपाउंड मांसपेशियों को मजबूत रखता है।...
2020 में ब्राजील के जंगलों की आग में झुलसे 1.7 करोड़ से ज्यादा जानवर, नई रिसर्च में हुआ खुलासा

2020 में ब्राजील के जंगलों की आग में झुलसे 1.7 करोड़ से ज्यादा जानवर, नई रिसर्च में हुआ खुलासा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
क्लाइमेट चेंज पूरी दुनिया पर अपना कहर बरसा रहा है। इससे कोई भी जीव अछूता नहीं है। साईंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुई एक हालिया रिसर्च के मुताबिक, केवल 2020 में ही ब्राजील के जंगलों में लगी आग ने 1.7 करोड़ से ज्यादा जानवरों की जान ले ली। इनमें पक्षियों से लेकर छोटे जंतुओं तक, सभी की मौत हुई। 39,030 वर्ग किलोमीटर में फैली थी आग साल 2020 में ब्राजील के पैंटानल वेटलैंड में 39,030 वर्ग किलोमीटर में आग फैली थी, जिससे बहुत से जंगल इसकी चपेट में आए थे। वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र पर स्टडी की। रिसर्च में पाया गया कि जंगलों में आग फैलने का प्रमुख कारण क्लाइमेट चेंज है। इसके अलावा, पेड़ों का कटना, आग का गलत इस्तेमाल, क्षेत्र का गलत मैनेजमेंट, अतिक्रमण और ग्रीनहाउस गैस का अधिक मात्रा में उत्सर्जन भी इसके महत्वपूर्ण कारण हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, साल 2019 में इन्हीं जंगलों के 16,210...
स्किन पर रैशेज और असामान्य खुजली हो तो सावधान हो जाएं

स्किन पर रैशेज और असामान्य खुजली हो तो सावधान हो जाएं

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
अब तक ओमिक्रॉन के लक्षणों को लेकर कोई पुख्ता रिसर्च सामने नहीं आई थी। अब इसके लक्षणों को लेकर वैज्ञानिकों ने एक स्टडी की है। किंग्स कॉलेज लंदन और स्वास्थ्य विज्ञान कंपनी ZOE के विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मरीजों को स्किन पर असामान्य रैश और खुजली हो रही है तो यह ओमिक्रॉन हो सकता है। ऐसे में स्किन से जुड़े बदलावों पर नजर रखना जरूरी है।...
2021 में फिट रहने के लिए लोगों ने फॉलो किए ये 5 फिटनेस ट्रेंड्स, इनसे मिलने वाले फायदे 2022 में भी रखेंगे सेहतमंद

2021 में फिट रहने के लिए लोगों ने फॉलो किए ये 5 फिटनेस ट्रेंड्स, इनसे मिलने वाले फायदे 2022 में भी रखेंगे सेहतमंद

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
2021 का आधे से ज्यादा समय कोरोना से जूझने में निकल गया। पर 'फिटनेस फ्रीक्स' ने इस समय को जाया नहीं होने दिया। लॉकडाउन और जिम बंद होने के बीच उन्होंने एक्सरसाइज करने के अनोखे तरीके ढूंढ निकाले। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ फायदेमंद फिटनेस ट्रेंड्स, जिन्हें आप 2022 में भी कंटीन्यू कर अपनी सेहत दुरुस्त रख सकते हैं। 1. ऑनलाइन जिम किसने सोचा था कि ऑनलाइन पढ़ाई के साथ-साथ लोग ऑनलाइन जिम भी कर सकेंगे? भारत में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लोगों ने जिम की वर्चुअल क्लासेस कीं। अधिकतर ट्रेनर्स, खासकर सेलिब्रिटी ट्रेनर्स ने ऑनलाइन जिम की मदद से लोगों को फिट रहने की शिक्षा दी। इस वक्त ओमिक्रॉन के मामले बढ़ रहे हैं, ऐसे में ऑनलाइन जिम क्लास करना फिट रहने का एक अच्छा उपाय है। 2. फंक्शनल फिटनेस फंक्शनल फिटनेस ट्रेनिंग में ऐसी एक्सरसाइज की जाती हैं, जो रोजमर्रा की क्रियाओं की नकल होती हैं। उदाहरण...
पार्टी के जश्न में कहीं हो न जाए हैंगओवर

पार्टी के जश्न में कहीं हो न जाए हैंगओवर

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली नए साल के जश्न की तैयारियां शरू हो गई हैं। कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर्स का कहना है कि अक्सर लोग नए साल के जश्न में शराब और अन्य मादक पदार्थों का सेवन करते हैं, सेहत के लिए यह काफी नुकसानदायक हो सकता है। इस बारे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। शराब और अन्य मादक पदार्थों के सेवन के सेहत पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव हो सकते हैं। नए साल की पार्टी में यदि आप फिर भी शराब का सेवन कर लेते हैं तो इसकी मात्रा को ध्यान में जरूर रखें। बहुत अधिक मात्रा में शराब के सेवन के कराण इसका हैंगओवर हो सकता है। कई स्थितियों में यह सेहत के लिए गंभीर जटिलताओं का कारण भी बन सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में डॉक्टर्स से समझते हैं कि कैसे जानें कि आपको शराब का हैंगओवर हो गया है, साथ ही इसे आसा...
साल 2022 में संक्रमण से रहना है दूर

साल 2022 में संक्रमण से रहना है दूर

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए हर दिन योग-व्यायाम करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट भी लोगों को रोजाना योग-व्यायाम करने की सलाह देते हैं जिससे शरीर स्वस्थ रहे। योग करने से इंसान शारीरिक, मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है। योगासन को दिनचर्या में शामिल कर तमाम तरह की गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। वर्तमान समय में कोरोना महामारी से पूरी दुनिया परेशान है। ऐसे में वायरस से लड़ने के लिए लोगों को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। रोग प्रतिरोधक क्षमता जितनी मजबूत होगी उतनी ही शक्ति से शरीर संक्रमित रोगों से लड़ने में सक्षम होगा। योग कर लोग अपनी इम्यूनिटी को आसानी से बढ़ा सकते हैं और शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए तैयार रख सकते हैं। ऐसे बहुत से योगासन हैं जिनसे आसानी से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।...
साल 2022 में रहना है सेहतमंद

साल 2022 में रहना है सेहतमंद

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली साल 2022 आने वाला है। बीता हुआ साल कोरोना वायरस के खतरे के बीच गुजरा। हर कोई नए साल में स्वस्थ और कोरोना मुक्त जीवन चाहता है लेकिन रोग तारीख बदलने से आते-जाते नहीं। इसके लिए आपको स्वयं प्रयास करना होता है। ऐसे में साल 2022 में स्वास्थ्य को लेकर कुछ संकल्प लें। स्वस्थ मन और सेहतमंद शरीर के लिए अपने खानपान में बदलाव लाएं। नए साल से एक हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए पोषण से भरपूर आहार को अपनी डाइट में शामिल करें। कोविड की तीसरी लहर की आशंका अब भी बनी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने लोगों को इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों को खानपान में शामिल करने की सलाह दी है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक, घर में ही कई सारी ऐसी दिव्य औषधियां और आयुर्वेद आपको आसानी से मिल सकते हैं, जिनका नियमित सेवन शर...
सर्दियों में बच्चों को बचाना है ठंड से

सर्दियों में बच्चों को बचाना है ठंड से

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नई दिल्ली सर्दियां आ गई हैं। सर्दियों में कई तरह की बीमारियां होने का खतरा होता है। ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा बच्चे बीमार होते हैं। उन्हे बहुत जल्द सर्दी लग जाती है, जिससे तरह तरह की बीमारियां होने लगती हैं। इसलिए सर्दियों में सबसे पहले बच्चों को बचा कर रखने पर ध्यान दिया जाता है। सर्दी बढ़ने पर अक्सर बच्चों को फ्लू और निमोनिया की शिकायत होने लगती है। सर्दी और खांसी जुकाम से भी बच्चे परेशान हो जाते हैं। खास कर 10 साल के बच्चों को सर्दियों में काफी समस्या होती है। ऐसे में जरूरी है कि ठंड से बच्चों को बचाया जाए। सर्दियों के मौसम में खान पास से लेकर रहन सहन तक पर ध्यान देने की जरूरत होती है। चिकित्सकों के मुताबिक, बच्चों को होने वाले बुखार या खांसी-जुकाम की शिकायत को हल्के में न लें। यहां कुछ आसान से उपाय बताए जा रहे हैं जिससे बच्चों को सर्दियों में बचाना होता है जरूरी। ...
ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो गेम्स से बच्चों में बढ़ रहा डिप्रेशन का खतरा

ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो गेम्स से बच्चों में बढ़ रहा डिप्रेशन का खतरा

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कनाडा के वैज्ञानिकों ने एक हालिया रिसर्च में पाया है कि क्लास रूम में बैठने के बजाय ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों में डिप्रेशन और चिंता का खतरा बढ़ रहा है। साथ ही, कोरोनाकाल के दौरान ज्यादा टीवी देखने और ऑनलाइन गेम खेलने से 2 से 4 साल तक के बच्चों में भी डिप्रेशन और व्यवहार संबंधी समस्याएं जन्म ले रही हैं। बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन का कनेक्शन कनाडा के हॉस्पिटल फॉर सिक चिल्ड्रन के विशेषज्ञों ने रिसर्च में बच्चों की मेंटल हेल्थ और डिजिटल स्क्रीन के कनेक्शन का पता लगाया। उन्होंने करीब 2 हजार स्कूली बच्चों के माता-पिता से बात कर कोरोना के समय बच्चों की मानसिक स्थिति की रिपोर्ट बनाई। बच्चों में लड़के और लड़कियों की संख्या समान थी। रिसर्च में यह बात सामने आई कि बच्चों की मेंटल हेल्थ से डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल का सीधा कनेक्शन है। औसतन 11 साल के बच्चों में ऑनलाइन पढ़ाई करने...
बढ़ते ओमिक्रॉन के बीच फेस मास्क अपग्रेड करना जरूरी

बढ़ते ओमिक्रॉन के बीच फेस मास्क अपग्रेड करना जरूरी

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
दुनिया भर के डॉक्टरों के अनुसार, फेस मास्क पहनना कोरोना से बचने का सबसे कारगर उपाय है। इससे भी ज्यादा जरूरी है सही मास्क का उपयोग करना। ओमिक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बीच विशेषज्ञ ये चेतावनी दे रहे हैं कि यदि आप सिर्फ क्लॉथ मास्क पहनते हैं, तो कोरोना से बचना आपके लिए काफी मुश्किल है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में लोगों के मास्क न पहनने पर चिंता जताई थी। कपड़े के मास्क से क्या है नुकसान? क्लॉथ मास्क सूक्ष्म कणों को शरीर के अंदर जाने से नहीं बचा पाता है। इससे बड़े ड्रॉपलेट्स तक आर-पार हो जाते हैं। अमेरिकन कॉन्फ्रेंस ऑफ गवर्मेंटल इंडस्ट्रियल हाईजीनिस्ट्स के मुताबिक, कपड़े के मास्क में 75% लीकेज होता है। रिसर्च में पाया गया है कि कपड़े के मोटे मास्क भी मेडिकल ग्रेड मास्क से अच्छा काम नहीं कर सकते। अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीस कंट्रोल (CDC) की माने...