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ऑफिस में काम करते समय आती है नींद

ऑफिस में काम करते समय आती है नींद

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली। अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि उन्हें ऑफिस में काम करते समय बहुत नींद आती है। लगातार बैठे बैठे काम करने से आपका शरीर सुस्त होने लगता है, जिससे आप बार बार जम्हाई लेते हैं और पलकें भारी होने लगती हैं। आंखें बंद होने लगती है। यह नींद आने के लक्षण होते हैं। ऑफिस में नींद आना काम में लापरवाही नहीं बल्कि शरीर की सुस्ती है। अधिकतर लंच के बाद या दोपहर में नींद आती है। ऑफिस में आप किसी जरूरी मीटिंग में हो या फिर किसी कॉन्फ्रेंस में, नींद कभी भी आ सकती है। ऐसे में आप जो भी काम कर रहे हैं, उसमें तो गलती हो ही सकती है, साथ ही अगर आपके सीनियर या बाॅस ने सोते हुए देख लिया तो डांट भी पड़ सकती है। इसलिए ऑफिस में नींद आने की समस्या का समाधान निकाल लें, इससे आप काम के दौरान ऊर्जावान तो रहेंगे ही, साथ ही शरीर भी स्वस्थ रहेगा।...
दांतों और मसूड़ों के लिए बहुत नुकसानदायक हैं ये चीजें

दांतों और मसूड़ों के लिए बहुत नुकसानदायक हैं ये चीजें

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नई दिल्ली। शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए भोजन का सही तरीके से पाचन और पोषक तत्वों का अवशोषण होना आवश्यक माना जाता है। इसके लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ अच्छे से चबा-चबाकर भोजन करने का सलाह देते हैं। पर अगर आपके दांत ही स्वस्थ नहीं हैं, तो भोजन को चबाना और फिर इसका पाचन हो पाना, सबकुछ कठिन हो जाता है। अपने दैनिक व्यस्त जीवन में, हम अक्सर अपने मौखिक स्वास्थ्य का उचित ध्यान देना भूल जाते हैं। यही कारण है कि लोगों को दांतों और मसूड़ों से संबंधित कई तरह की गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों को दांत निकलवाने तक पड़ जाते हैं। दंत रोग विशेषज्ञ बताते हैं, खाने से लेकर बोलने तक, हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली में दांतों की अहम भूमिका होती हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण हो जाता है कि हमारे दांत मजबूत और स्वस्थ रहें। मौखिक स्वास्थ्य को प्र...
आसानी से सजाना है क्रिसमस ट्री

आसानी से सजाना है क्रिसमस ट्री

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नई दिल्ली। नया साल आने वाला है, उसके पहले दिसंबर में क्रिसमस डे मनाया जाता है। 25 दिसंबर को हर साल क्रिसमस डे होता है, जिसे दुनिया भर में लोग उत्साह से मनाते हैं। इस बड़े दिन की लोगों को बेसब्री से इंतजार होता है। क्रिसमस डे पर प्रभु यीशु का जन्म हुआ था। ईसाई धर्म से जुड़े लोग इस दिन चर्च जाते हैं और पूजा करते हैं। वहीं प्रभु यीशु का जन्मदिन धूमधाम से मनाने के लिए घर पर सजावट करते हैं। क्रिसमस की सजावट में सबसे खास होता है, क्रिसमस ट्री। क्रिसमस ट्री को लाइट्स, रंग बिरंगे गिफ्ट और कैंडी आदि से सजा कर लोग खुशियां मनाते हैं। बच्चे और बड़े क्रिसमस ट्री को सजाने के लिए उत्सुक तो होते हैं लेकिन उन्हें ये समझ नहीं आता कि क्रिसमस ट्री को आसानी से कैसे सजाएं ताकि वह अच्छा दिखे।...
एड्स, कैंसर के लिए जल्द तैयार हो सकती है वैक्सीन; वैज्ञानिक mRNA टेक्नोलॉजी को बना रहे हथियार

एड्स, कैंसर के लिए जल्द तैयार हो सकती है वैक्सीन; वैज्ञानिक mRNA टेक्नोलॉजी को बना रहे हथियार

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कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर फाइजर और मॉडर्ना जैसी वैक्सीन्स मैसेंजर-RNA यानी mRNA टेक्नोलॉजी से विकसित की गई हैं। वैज्ञानिक अब इसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर एड्स, कैंसर और जीका वायरस जैसी बीमारियों को खत्म करना चाहते हैं। उनकी मानें, तो mRNA से बनी वैक्सीन्स इन घातक बीमारियों पर असरदार साबित हो सकती हैं। क्या होती है mRNA टेक्नोलॉजी? mRNA टेक्नोलॉजी से हमारे सेल्स (कोशिकाओं) में प्रोटीन बनता है। यह जेनेटिक कोड का एक छोटा सा हिस्सा होता है। सरल भाषा में, जब हमारे शरीर पर कोई भी वायरस या बैक्टीरिया अटैक करता है, तब ये टेक्नोलॉजी हमारे सेल्स को एक मैसेज भेजती है। इससे उस वायरस या बैक्टीरिया के प्रोटीन जैसा ही प्रोटीन हमारे शरीर में प्रोड्यूस होता है। फिर इसके खिलाफ हमारे इम्यून सिस्टम में जरूरी एंटीबॉडीज बन जाती हैं।...
रोजाना शरीर को कितना विटामिन-C मिलना चाहिए? इसके नैचुरल सोर्स क्या हैं?

रोजाना शरीर को कितना विटामिन-C मिलना चाहिए? इसके नैचुरल सोर्स क्या हैं?

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विटामिन-C शरीर के लिए एक जरूरी न्यूट्रिएंट है। यह व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाकर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह एक ऐसा एंटीऑक्सिडेंट होता है जिसे शरीर खुद नहीं बनाता। इसकी कमी से हड्डियों, त्वचा और दिल से जुड़ी नसों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए विटामिन-C से भरपूर खाने और सप्लिमेंट्स को अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है। शरीर में विटामिन-C क्या काम करता हैविटामिन-C एक ऐसा न्यूट्रिएंट है जो पानी में घुल जाता है। इसलिए शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए रोज इसका सेवन करना चाहिए। विटामिन-C प्रोटीन को बचाने में मदद करता है। इसकी एंटीआक्सिडेंट प्रॉपर्टीज कैंसर होने की संभावना को भी कम करती हैं। यह न्यूट्रिएंट एक्‍यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्शन और टीबी की बीमारी से बचाव करता है।...
हृदय रोगों के अलावा इन जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकता है मोटापा

हृदय रोगों के अलावा इन जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकता है मोटापा

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नई दिल्ली पिछले दो दशकों में मोटापा ग्रसित रोगियों की वैश्विक संख्या में भारी उछाल देखने को मिला है। मोटापा या अधिक वजन को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है।आहार और जीवनशैली में गड़बड़ी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका प्रमुख कारण मानते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि मोटापा, हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा देता है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसका शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इतना ही नहीं इससे जनित कई स्वास्थ्य स्थितियां जानलेवा भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ बीमारियां भी मोटापा या वजन बढ़ने का कारण बन सकती हैं। इसके अलाना स्टेरॉयड और कुछ एंटीडिप्रेसेंट जैसी दवाओं का सेवन करना भी वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं। वजन को नियंत्रित रखकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।...
वजन कम करने से लेकर हृदय और पाचन को ठीक रखने तक

वजन कम करने से लेकर हृदय और पाचन को ठीक रखने तक

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नई दिल्ली अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आहार का स्वस्थ और पौष्टिकता से भरा होना सबसे आवश्यक होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसे चीजों के सेवन को बढ़ाने पर जोर देते हैं, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकें। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण ही लोगों को कम उम्र में वजन बढ़ने, हृदय और पाचन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की तमाम समस्याओं को एक सुपरफूड के माध्यम से कम किया जा सकता है, वह है- दही। प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही का सेवन आंत में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के साथ पाचन और वजन की समस्याओं को ठीक रखने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा दही को कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत माना जाता है, ऐसे में इसका सेवन दांत और बालों को स्वस्थ रखने में भी सहायक माना जाता है। आ...
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिनटों में करें ऑनलाइन खाना ऑर्डर

आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिनटों में करें ऑनलाइन खाना ऑर्डर

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नई दिल्ली जब हम रेल का सफर करते है तो हम अपने साथ खाने पीने का भी सामान ले जाते हैं। सफर छोटा हो या बड़ा खाने की तो जरूरत होती ही है जिसे हमारा सफर आसानी से और आनंद के साथ कट जाए। जब से कोरोना का समय आया रेल का सफर भी बंद हुआ और उसमें  मिलने वाला खाना भी बंद हो गया था, लेकिन अब जब सबकुछ शुरू हुआ है तो रेल में ही खाना मिलने लगा है। अगर आप भी हमेशा रेल यात्रा करते हैं तो आपको अब खाने की लिए सोचना नहीं होगा क्योंकि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC के ई- कैटरिंग के जरिए यात्री अपने मनपसंद रेस्ट्रोरेंट से अपना खाना ऑनलाइन ही आर्डर कर सकते हैं, ऑर्डर करते समय ही यह बता दिया जाएगा की खाना कब और किस स्टेशन पर मिलेगा। इसके लिए आपको कहीं भी जाने की जरुरत नहीं है। आर्डर आपकी सीट तक पहुंचा दिया जाएगा।...
ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों को लेकर क्यों डरी दुनिया? मॉडर्ना ने दी क्या चेतावनी? क्या आएगी नई वैक्सीन?

ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों को लेकर क्यों डरी दुनिया? मॉडर्ना ने दी क्या चेतावनी? क्या आएगी नई वैक्सीन?

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कोविड-19 वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के तेजी से म्यूटेशन की क्षमता ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस नए वैरिएंट को कुछ महीनों पहले पूरी दुनिया में तबाही मचा चुके डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है, क्योंकि ओमिक्रॉन में अब तक 50 म्यूटेशन हो चुके हैं। ओमिक्रॉन के बहुत तेजी से म्यूटेशन की क्षमता की वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मौजूदा कोरोना वैक्सीन इस नए वैरिएंट पर असरदार होंगी? इस बीच ब्रिटिश कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने कहा है कि मौजूदा वैक्सीन के ओमिक्रॉन के खिलाफ कम प्रभावी रहने की आशंका है।...
दिल स्वस्थ रखना है तो गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खाएं

दिल स्वस्थ रखना है तो गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खाएं

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
दिल की सेहत के लिए अच्छे खानपान का अर्थ यह कतई नहीं है कि बर्गर, फ्रेंच फ्राइज या कोल्ड ड्रिंक से दूरी बना लें। पर यह ध्यान रखना होगा कि ये चीजें नियमित खानपान में शामिल न हो जाएं। यह कहना है अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख डॉ. रॉबर्ट एकेल का। एसोसिएशन ने हाल में दिल तंदुरुस्त रखने वाले खानपान को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्य लेखक डॉ. एलिस एच लिकटेंस्टाइन ने बताया कि ‘ये न खाएं’ जैसी नसीहतों से लोगों पर दबाव डालने के बजाय हमने खानपान के ऐसे पैटर्न को बढ़ावा देने की कोशिश की है, जिससे दिल स्वस्थ रहे।...