मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में जून में समय से पहले आए मानसून की विदाई का वक्त भी आ ही गया। अब की बार मालवा-निमाड़ सूखे से जूझता रहा तो ग्वालियर-चंबल भीषण बाढ़ से। सिंध के रौद्र रूप ने गांव के गांव टापू बना डाले। पुल तिनके की तरह बहा ले गई। सेना और एयरफोर्स बुलानी पड़ी। प्रदेश में सामान्य बारिश 38 इंच मानी जाती है जो हो भी गई है। सोयाबीन का बंपर उत्पादन हो रहा है। रबी के लिए भी पानी की कमी नहीं होगी। खंडवर्षा के कारण कुछ जिलों में जरूर सूखे की स्थिति है।