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REET के लिए काटनी पड़ी कान की बालियां:जयपुर में नवजात को मामा की गोद में छोड़ मां ने दी परीक्षा, फुल आस्तीन के सूट वाली महिला अभ्यर्थियों को हुई परेशानी; मंगलसूत्र भी उतारने पड़े

जयपुर

राजस्थान के इतिहास में सबसे बड़ा REET 26 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू हुआ। इसके लिए जयपुर शहर की सड़कों पर सुबह 7 बजे से ही वाहनों की रेलमपेल शुरू हो गई। दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों से लोग अपने सेंटरों की ओर जाने की जल्दी में दिखे। सेंटर में एंट्री से पहले महिलाएं सूट की आस्तीन, कानों की बालियां काटती हुई नजर आईं। जयपुर में सीकर रोड पर चौमूं सर्किल पर पुलिस और आरएसएस स्वयंसेवक वाहनों में सवार अभ्यर्थियों को परीक्षा सेंटर का पता बता रहे थे।

निवारु रोड पर दरबार स्कूल में परीक्षा केंद्र के बाहर एक महीने की भांजी को लेकर कार में बैठे मामा गणेश चौधरी।

निवारु रोड पर दरबार स्कूल में परीक्षा केंद्र के बाहर एक महीने की भांजी को लेकर कार में बैठे मामा गणेश चौधरी।

नवजात को गोद में लेकर बैठा रहा मामा
दरबार स्कूल के बाहर ही एक कार में युवक की गोद में एक महीने की नवजात बच्ची नजर आई। युवक ने बताया कि उसका नाम गणेश चौधरी है। वह बच्ची का मामा है। उसकी बहन रामफूल चौधरी परीक्षा देने आई है। वे बगरु में अजमेर रोड पर जयसिंहपुरा से आए हैं। रामफूल के साथ मदद के लिए कोई महिला नहीं थी, इसलिए वह अपने भाई गणेश और अन्य को साथ में लेकर आई। इसी तरह कई और लोग अपने बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र के साथ धूप में परेशान होकर इंतजार करते हुए नजर आए। वहीं, मालवीय नगर में परीक्षार्थियों के परिजनों ने मंदिरों में सहारा लिया।

सुबह 9 बजे से केंद्रों में प्रवेश शुरू
सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थी और उनके परिजनों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। गेट पर मौजूद पुलिस काफी चौकस नजर आई। केंद्र के स्टाफ के साथ मिल जुलकर अभ्यर्थियों की तलाशी ली जा रही थी। सबसे ज्यादा दिक्कत महिला अभ्यर्थियों को आई। निवारु रोड पर लक्ष्मी नगर में दरबार स्कूल के बाहर नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर के सिक्योरिटी स्टाफ ने महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र, डोरे, कानों के टॉप्स, बालियां, दुपट्‌टे, चूड़ियां उतरवाईं।

चौमूं सर्किल पर अभ्यर्थियों को पता बताने में सहयोग करते हुए आरएसएस स्वयंसेवक।

चौमूं सर्किल पर अभ्यर्थियों को पता बताने में सहयोग करते हुए आरएसएस स्वयंसेवक।

कई महिलाएं अपने पति, भाई या अन्य किसी रिश्तेदार की मदद से कैंची ली और सूट की आस्तीन, कानों की बालियां काटती हुई नजर आईं। वहीं, बनीपार्क में पारीक कॉलेज के बाहर अभ्यर्थियों को अपने सामान से भरे बैग गेट पर ही छोड़कर परीक्षा देना मजदूरी बन गया।

जौहरी बाजार में दुकानें बंद होने से सड़कों पर सन्नाटा।

जौहरी बाजार में दुकानें बंद होने से सड़कों पर सन्नाटा।

पारीक कॉलेज के बाहर का दृश्य। अकेले आए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के गेट पर ही बैग रखकर जाना पड़ा

पारीक कॉलेज के बाहर का दृश्य। अकेले आए अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के गेट पर ही बैग रखकर जाना पड़ा

पंक्चर बनाने वाले ने भी लगाई हेल्प डेस्क
इस परीक्षा की सबसे खास बात यह है कि आमजन इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की मदद के लिए सड़कों पर नजर आए। झोटवाड़ा रोड पर पानीपेच के पास सड़क पर पंक्चर बनाने वाले रशीद खान ने नि:शुल्क पानी और परीक्षा सेंटर पूछताछ केंद्र डेस्क लगा रखी थी। रशीद स्थानीय निवासी राजेंद्र वर्मा, सुरेश बागड़ा सहित कई अन्य युवकों की मदद लेकर यह पहल की थी। रशीद ने बताया कि वे वर्षों से पंक्चर की दुकान करते आ रहे हैं।

झोटवाड़ा रोड पर पंक्चर बनाने वाले रशीद ने भी लगाई हेल्प डेस्क।

झोटवाड़ा रोड पर पंक्चर बनाने वाले रशीद ने भी लगाई हेल्प डेस्क।

कई बार सामने ही एक परीक्षा केंद्र पर कई परीक्षाओं में बच्चों को परेशान होते देखा है। सवारी गाड़ियां भी उनको गुमराह कर महंगा किराया वसूल करती है। इस बार रीट का बड़ा एग्जाम है, इसलिए उन्होंने पानी पिलाने और पता बताने के लिए पूछताछ केंद्र बनाया। राजेंद्र वर्मा ने बताया कि कई बार वे भी अपने बच्चों को बाहर परीक्षा दिलवाने जाते हैं। तब काफी परेशानी होती है, इसलिए जयपुर में आने वाले बच्चों को दिक्कत न आए। इसके लिए वे सुबह से ही हेल्प डेस्क पर आ गए।

परीक्षा केंद्र के बाहर रखी कैंची से एक अभ्यर्थी के सूट की आस्तीन काटने में मदद करती दूसरी अभ्यर्थी।

परीक्षा केंद्र के बाहर रखी कैंची से एक अभ्यर्थी के सूट की आस्तीन काटने में मदद करती दूसरी अभ्यर्थी।

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