अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने का दिया आश्वासन, विधायक ने ज्यूस पिला तुड़वाया अनशन
by seemasandesh
शमशान घाट की भूमि पर हुआ अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चार दिनों से अनशन पर बैठे थे इन्द्रपुरा के दो ग्रामीण हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। शमशान घाट की भूमि पर हुआ अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर संगरिया तहसील के गांव इन्द्रपुरा के दोनों ग्रामीणों का जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चल रहा अनशन सोमवार को चौथे दिन वार्ता में लिखित आश्वासन मिलने पर समाप्त हो गया। वार्ता में जिला कलक्टर ने मंगलवार को शमशान घाट की भूमि से अतिक्रमण हटाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी ने जिला कलक्ट्रेट के समक्ष अनशन पर बैठे महेन्द्रपाल गोदारा व अभिषेक गोदारा को ज्यूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। अनशन के साथ ही ग्रामीणों का धरना भी समाप्त हो गया। धरने व अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने इसे आंदोलन की जीत बताया। वार्ता में शामिल राष्ट्रीय जाट तेजवीर सेना के तहसील अध्यक्ष सुरेन्द्र खद्दा ने बताया कि चौथे दिन प्रशासन के साथ वार्ता हुई। वार्ता में जिला कलक्टर ने लिखित में आश्वासन दिया कि मंगलवार को शमशान भूमि की जगह को अतिक्रमणमुक्त करवा दिया जाएगा। खद्दा ने कहा कि यह उनके आंदोलन की जीत है। साथ ही अतिक्रमण हटाने का आदेश राजस्थान उच्च न्यायालय की ओर से दिया गया है। अगर कोई गलत होता तो राजस्थान उच्च न्यायालय अतिक्रमण हटाने का आदेश नहीं देता। अब प्रशासन को मात्र उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना करनी है। अगर किसी को ऐतराज है तो न्यायालय में जाए। महापंचायत या धरना करने से कुछ नहीं होने वाला। वार्ता में संगरिया विधायक के अलावा सुनील चाहर, जसविन्द्र सिंह, मनफूल चाहर, राजेश गोदारा, ओमप्रकाश गोदारा, भजनलाल भादू, भीमसेन डूडी आदि शामिल थे। गौरतलब है कि आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि चक नम्बर 17 एमजेडी में चार बीघा भूमि श्मशान घाट इन्द्रपुरा के नाम से दर्ज है। इस चार बीघा भूमि पर लगभग 20-25 वर्षों से 8-10 लोगों की ओर से अवैध रूप से कब्जा किया हुआ है। इसके चलते ग्रामीणों को अपने घर में मृत्यु होने पर अपने खेत या नजदीकी ग्राम पंचायत सिंहपुरा के श्मशान घाट में शवों का अंतिम संस्कार करने की मजबूरी है। यह समस्या गांव की बहुत बड़ी परेशानी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर से इस संबंध में दायर डीबी सिविल रिट याचिका में श्मशान घाट एवं हड्डा रोड़ी से कब्जा हटवाने के संबंध में 27 जनवरी 2021 को आदेश दिए थे। जिला कलक्टर की ओर से कब्जा हटवाने को लेकर आदेश जारी किए गए। उसके उपरांत उच्च न्यायालय की ओर से कोर्ट की अवमानना के संबंध में 6 अगस्त को पुन: अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया था। इसके उपरांत भी लगभग एक माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से अभी तक अतिक्रमण करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। न ही श्मशान भूमि को कब्जा मुक्त किया गया है। हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन ने सुनवाई नहीं की तो सोमवार से अनशनकारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इस पर हरकत में आए प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से सोमवार को ग्रामीणों को वार्ता के लिए बुलाकर अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया।