एसटीजी नहर व खुले में फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त दूषित पानी छोड?े के खिलाफ चक्काजाम कल
- जनप्रतिनिधि बोले- अपनी आने वाली पीढिय़ों को बचाने के लिए बंद करवाकर रहेंगे दूषित पानी
- जिला कलक्टर पर भी सुनवाई नहीं करने का लगाया आरोप
हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जंक्शन में बाइपास पर औद्योगिक क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों का केमिकलयुक्त पानी पास ही बहने वाली एसटीजी नहर व खुले में छोड?े के खिलाफ राजनैतिक व सामाजिक संगठन लामबंद हो गए हैं। केमिकलयुक्त पानी के निस्तारण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने व दूषित पानी नहर व खुले में छोड़े जाने के लिए फैक्ट्री मालिकों को पाबंद करने की मांग को प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार अनसुना किए जाने से नाराज इन संगठनों ने मंगलवार को अग्रसेन चौक पर चक्काजाम करने की घोषणा की है। इस संबंध में सोमवार को जंक्शन की सिविल लाइन में स्थित सामुदायिक भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में न्यू सिविल लाइन वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष बृजमोहन मूंड, कांग्रेस पार्टी से जिला परिषद सदस्य मनीष गोदारा, भाजपा पार्षद स्वर्ण सिंह, संजय सांसी, कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधि मनोज बंसीवाल, पूर्व पार्षद प्रतिनिधि रणजीत सिंह के अलावा बख्शीश सिंह, गुरजीत सिंह गिल, अशोक कुमार, कविता तिवाड़ी, राजकुमार बावरी आदि मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में बृजमोहन मूंड ने कहा कि रीको क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों का पानी सिविल लाइन के चारों तरफ खुले में छोड़ प्रदूषण फैलाया जा रहा है। फैक्ट्री मालिकों की ओर से नियमों की पालना नहीं की जा रही। खुले में पानी छोड?े से आसपास का माहौल बदबूदार होने से सिविल लाइन के वाशिंदों का जीना मुश्किल हो गया है। इस दूषित पानी से मच्छर पैदा हो रहा है। सोसायटी ने इसके खिलाफ 2014 में स्थाई लोक अदालत में रीट लगाई थी कि हड्डारोड़ी को बंद किया जाए। साथ ही नियमानुसार फैक्ट्रियों के दूषित पानी का निस्तारण किया जाए। 2020 को स्थाई लोक अदालत का फैसला आने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके खिलाफ मंगलवार को चक्काजाम करने का निर्णय लिया गया है। वहीं जिला परिषद सदस्य मनीष गोदारा ने कहा कि एसटीजी नहर में डाले जा रहे फैक्ट्रियों के दूषित पानी के संबंध में चार बार जिला कलक्टर को अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। अब वे प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाकर थक चुके हैं। मांग के संबंध में सौंपे गए ज्ञापनों का न तो प्रशासनिक अधिकारियों और न ही फैक्ट्री मालिकों पर कोई असर हुआ है। दूषित पानी पूर्व की भांति ही नहर के किनारे डाला जा रहा है। रात्रि के समय वही पानी नहर में डाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए विधायक चौधरी विनोद कुमार से भी बात हुई थी। विधायक ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। जिला परिषद सदस्य गोदारा ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की बातें काफी समय से चल रही हैं। यह समस्या करीब 30 सालों से चली आ रही है। इस दौरान न जाने कितने विधायक और मंत्री बने परंतु इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। सरकारें तो आती-जाती रहती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदूषित पानी नहर में व खुले में छोड?े से शहर के खुंजा, सिविल लाइन्स, हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के अलावा मक्कासर सहित अन्य गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। दूषित पानी को खुले में छोड़े जाने से शहरी क्षेत्र के लोग बदबूदार माहौल में जीने को मजबूर हैं। जबकि मक्कासर सहित आसपास के गांवों के वाटर वर्क्स के जरिए एसटीजी नहर का दूषित पानी घरों में पहुंच रहा है। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। उन्हें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने जीने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। अपनी आने वाली पीढिय़ों को बचाने के लिए इस दूषित पानी को बंद करवाकर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री स्थापित होने से पहले ट्रीटमेंट प्लांट बनना चाहिए। लेकिन प्रशासन की लापरवाही का नतीजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि इसके खिलाफ मंगलवार को सुबह 9 बजे श्रीगंगानगर मार्ग पर एसटीजी नहर के नजदीक स्थित अग्रसेन चौक पर चक्काजाम कर विरोध दर्ज करवाया जाएगा। चक्काजाम तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से मौके पर पहुंच कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं दिया जाता। उन्होंने शहर व आसपास के गांवों के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में चक्काजाम में शामिल होकर इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एकता का परिचय देने का आह्वान किया।