दंपति बीकानेर रैफर, बच्ची की हालत नाजुक
श्रीगंगानगर। घमूडवाली थाना क्षेत्र के गांव नरसिंहपुरा मांझूवास में एक गौशाला में स्थापित खुला बंदी शिविर (ओपन जेल) में बीती रात एक बंदी के परिवार का कमरे में धुआं भर जाने से दम घुट गया। यह परिवार आज सुबह कमरे में बेहोश पाया गया। अपात्काल सेवा 108 की एंबुलेंस से परिवार के चारों सदस्यों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां अढाई वर्ष के एक बच्चे की कुछ ही देर बाद मृत्यु हो गई। दंपति की हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोपहर को बीकानेर रेफर कर दिया। अढाई वर्ष की एक बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है।यह दोनों बच्चे जुड़वा हैं। पुलिस ने बताया कि खुला बंदी शिविर से आज सुबह लगभग 9 बजे जिला अस्पताल में दिनेश शाह (40), उसकी पत्नी काजल (35) और जुड़वा बच्चों शुभम व सीमा लड़ाई वर्ष को भर्ती करवाया गया।शुभम कुछ देर बाद ही दम तोड़ गया। दिनेश और काजल को हालत अत्यंत गंभीर देखते हुए आईसीयू वार्ड में एडमिट किया गया। सीमा को बच्चा वार्ड में वेंटिलेटर पर रखा गया। जेल अधीक्षक मोइनुद्दीन पठान ने बताया कि हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी दिनेश शाह ने कल रात अपने क्वार्टर के एक कमरे में सर्दी से बचाव के लिए कोयले की अंगीठी जलाई थी। अंगठी जलती हुई छोड़कर दिनेश और काजद सो गए।आज सुबह ओपन जेल के प्रभारी प्रहरी पवन कुमार ने जब रोल कॉल के लिए सभी बंदियों को बुलाया तो दिनेश नहीं आया। प्रहरी पवन उसके क्वार्टर पर गया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।कोई जवाब नहीं मिलने पर प्रहरी पवन और अन्य बंदियों ने दरवाजा तोड़ दिया।अंदर चारों बेहोश पड़े थे।कमरे में धुआं भरा हुआ था। तत्काल ही 108 की एंबुलेंस बुलाकर सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। शुभम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जेल अधीक्षक के अनुसार मूल रूप से बिहार में पनतपुरा निवासी दिनेश शाह को 23 सितंबर 2015 को अतिरिक्त जिला सेशन जज श्रीगंगानगर द्वारा कत्ल के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।जिला कारागृह में अच्छे आचरण को देखते हुए 18 दिसंबर 2020 को उसे बाकी की सजा भुगतने के लिए ओपन जेल में भेजा गया था। ओपन जेल में बंदी अपने परिवार को साथ रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि कल रात को हुए हादसे की जांच करवाई जा रही है। दूसरी तरफ घमूडवाली थाना में इस मामले की जांच कर रहे एएसआई मनीराम ने बताया कि दिनेश और काजल को डॉक्टरों ने दोपहर को बीकानेर रेफर कर दिया है।उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।बच्ची सीमा का जिला अस्पताल में ही इलाज चल रहा है।दिनेश का एक भाई विनोद शाह यहां रीको उद्योग विहार में रहता है। मृतक शुभम का शव पोस्टमार्टम करवाकर उसके सुपुर्द किया गया है। विनोद शाह की ओर से ही मर्ग दर्ज की गई है।