पांच मार्च को जयपुर में आयोजित होने वाले जाट महाकुंभ के सफल आयोजन को लेकर बैठक आयोजित हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। राजस्थान जाट महासभा एवं जाट संगठनों की ओर से पांच मार्च को जाट महाकुंभ का आयोजन जयपुर में किया जा रहा है। जाट महाकुंभ के सफल आयोजन के संबंध में शनिवार को जंक्शन स्थित जाट भवन में जाट संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक राजस्थान जाट महासभा जिलाध्यक्ष रामजस बुरड़क की अध्यक्षता में हुई। बैठक में हर पंचायत से समाज के पांच-पांच नागरिकों को आमंत्रित किया गया। जिलाध्यक्ष रामजस बुरड़क ने कहा कि आज से पहले सभी राजनीतिक दलों ने जाट समाज को ठगने का काम किया है। लेकिन अब जाट समाज ने यह ठान लिया है कि वह किसी भी पार्टी को ठगने का काम नहीं करने देंगे। अपने अधिकारों की लड़ाई के लिए एक मंच, एक जाजम पर सभी संगठन एकत्रित होंगे। उन्होंने कहा कि जयपुर में प्रस्तावित जाट महाकुंभ में देश भर से दस लाख से अधिक जाट समाज के नागरिक जुटेंगे। पांच मार्च को एक दिन के लिए पूरे जयपुर को जाटमय कर दिया जाएगा। बुरड़क ने कहा कि जाट महाकुंभ के आयोजन से पहले ही दोनों मुख्य पार्टियां सकपका गई हैं। कोई बोर्ड के गठन तो कोई राजनीतिक नियुक्ति का आदेश दे रही है। जाट सरदारी की जागरूकता के परिणामस्वरूप यह सब बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने बताया कि जाट महाकुंभ को लेकर पंचायत स्तर पर कमेटियों का गठन किया गया है। तहसील अध्यक्ष विनोद सहारण के नेतृत्व में हनुमानगढ़ जिले से 200 से 250 बसों व 1000-1200 निजी वाहनों से जाट समाज के नागरिक जाट महाकुंभ में हिस्सा लेने जयपुर पहुंचेंगे। गोविन्द चौधरी ने बताया कि जाट समाज और खेती किसानी की हर समस्या को लेकर महाकुंभ में खुलकर बातचीत की जाएगी। महाकुंभ में राजस्थान ही नहीं पूरे देश के जाट एक जगह एकत्र होंगे। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द राम डोटासरा, रालोपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, विजय पूनिया, पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी, कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया, राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्र संघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी सहित देश के कई राज्यों से जाट नेता शामिल होंगे। वहीं, समाज के सैकड़ों सांसद, विधायक, एडवोकेट, खिलाड़ी, कलाकार, अधिकारी, छात्रसंघ, मीडियाकर्मी आयोजन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने समाज के नागरिकों को प्रतिनिधित्व मिलने, सूरजमल बोर्ड बनने, ओबीसी आरक्षण में 21 से 55 प्रतिशत आरक्षण देने, जातिगत जनगणना करवाने, सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने व जिलेवार जाट समाज के लिए छात्रावास के निर्माण की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जाट महासभा की ओर से जाट महाकुंभ का आयोजन जाट समाज के घटते प्रतिनिधित्व को लेकर किया जा रहा है। बैठक में अनिल जान्दू, भूपेन्द्र लाम्बा, प्रताप सिंह सिंवर, सुभाष गोदारा, जोतराम न्योल, इन्द्रपाल रणवां, पवन झुरिया, चरणसिंह सिहाग, देवदत भिड़ासरा, संदीप जाखड़ सहित समाज के कई नागरिक मौजूद थे।