खरीदी हुई गेहूं का उठाव न होने से व्यापारी-किसान परेशान
by seemasandesh
जल्द उठाव करवाने की मांग का जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जिले के संगरिया की धानमण्डी में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं के थैलों का पिछले कई दिनों से एफसीआई की ओर से उठाव न किए जाने से व्यापारी व किसान परेशान हैं। इस समस्या को लेकर बुधवार को संगरिया की व्यापार मण्डल समिति के बैनर तले व्यापारी जिला कलक्टर नथमल डिडेल से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर संगरिया मण्डी में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई गेहूं का उठाव जल्द करवाने की मांग का ज्ञापन सौंपा। समिति अध्यक्ष कृष्ण जैन के नेतृत्व में जिला कलक्टर से मिले व्यापारियों ने बताया कि वर्ष 2021-22 में संगरिया मण्डी में समर्थन मूल्य पर नेफेड एजेंसी की ओर से 21 लाख 65 हजार गेहूं के थैलों की खरीद की गई। इसमें से भारतीय खाद्य निगम की ओर से अपने गोदामों में 19 लाख 62 हजार 142 थैलों का उठाव कर लिया गया है परन्तु 2 लाख 2 हजार 858 थैलों का उठाव अभी भी मण्डी प्रांगण में शेष है। इस उठाव के लिए भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों एवं स्थानीय अधिकारियों को कई बार अवगत करवा दिया गया है। 23 जून को गेहूं उठाव के सम्बन्ध में भारतीय खाद्य निगम की ओर से एक टीम गठित कर संगरिया मण्डी में जांच करने के लिए भेजी गई थी। 23 जून को टीम की ओर से दो फर्मों का जिसमें उनकी ओर से चाहे गए किसानों के दस्तावेज उपलब्ध करवाए गए जो सही पाए गए। अगले दिन 24 जून को मात्र दो घंटों में चार फर्मों के दस्तावेज टीम को उपलब्ध करवाए। मौके पर सम्बन्धित किसान भी मौजूद थे। लेकिन टीम दोपहर बाद खाना खाने के पश्चात हनुमानगढ़ रवाना हो गई और वहां से जयपुर चली गई। जबकि इस सम्बन्ध में मण्डी के व्यापारियों को कोई सूचना नहीं थी। इसके बाद 3 जुलाई को भारतीय खाद्य निगम की एक टीम नोएडा से संगरिया मण्डी में गेहूं की गुणवता जांचने के लिए पहुंची थी। उस टीम ने संगरिया मण्डी में गेहूं भरे पड़े सभी थैलों का सघनतापूर्ण निरीक्षण किया और मौखिक रूप से गेहूं की गुणवता सही बताई थी। यह टीम 4 जुलाई को अपनी जांच पूर्ण कर वापस चली गई लेकिन आज तक उठाव के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की कार्यवाही के आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। समस्या जस की तस बनी हुई है। व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही संगरिया धानमण्डी से गेहूं के थैलों का उठाव शुरू नहीं हुआ तो व्यापारियों को धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इससे होने वाले नुकसान-अव्यवस्था की जिम्मेवारी खरीद एजेन्सी नैफेड व प्रशासन की होगी। इस मौके पर समिति सचिव सुरेन्द्र कांसल, मीरा शिक्षा समिति अध्यक्ष अशोक चौधरी, सचिव शिवकुमार बारपाल, विजय कुमार भादू, जिला खाद्य व्यापार संघ के संयुक्त सचिव कुलदीप सहारण सहित अन्य व्यापारी मौजूद थे।