जंक्शन के सुरेशिया की घटना, एफएसएल टीम ने एकत्रित किए साक्ष्य हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जंक्शन के सुरेशिया क्षेत्र में बाइक पर सवार होकर आए पांच जनों ने एक घर के आगे फायरिंग की। गनिमत रही कि फायरिंग में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। आरोपियों ने घर के बाहर युवक के साथ गाली-गलौज भी की। इस संबंध में जंक्शन पुलिस थाना में हत्या प्रयास के आरोप में पांच जनों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार मुकेश कुमार उर्फ ज्ञानी (26) पुत्र सोमदत्त उर्फ सोमा यादव निवासी वार्ड नम्बर 60 सुरेशिया ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि वह शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे अपने मामा बलराम यादव के वार्ड 60 स्थित घर के बाहर बैठा था। तभी सुरेशिया के ही हनुमान पुत्र कालू, सुनील लोहिया, सोनू ओड, मोनू उर्फ जितेन्द्र व श्रीनगर निवासी श्रवण नायक हथियारों से लैस बाइक पर सवार होकर वहां आए। आते ही उसके मामा के घर के बाहर पिस्तौल से दीवार पर फायर किए। उसे गालियां निकाली। उसके मामा बलराम यादव के बारे में कहा कि उस दिन वह कोर्ट में बच गया था किन्तु इस बार हमारे पक्ष में गवाही नहीं दी तो तुझे जान से मार देंगे। आरोपियों ने जाते समय घर के मुख्य दरवाजे को भी तोड़ने की कोशिश की। मुकेश कुमार ने रिपोर्ट में कहा कि आरोपी बदमाश प्रवृत्ति के हैं तथा इनसे जान-माल का खतरा है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, 143 व 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच एसआई शैलेश चन्द को सौंपी है। उधर, रविवार को एफएसएल टीम ने मौका देखकर साक्ष्य संकलित किए। गोलियों के खाली खोल भी बरामद किए। जंक्शन थाना प्रभारी नरेश गेरा के अनुसार अनुसंधान जारी है। अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस बात की रंजिश को लेकर फायरिंग की गई। घटना के समय बलराम यादव जयपुर गया हुआ था। यह बात भी सामने आई है कि आरोपी एक गाड़ी भी लेकर आए थे जो घटनास्थल से कुछ दूर खड़ी की गई थी। बहुचर्चित कोर्ट परिसर गोलीकांड की घटना हुई ताजा जानकारी के अनुसार 2009-10 में कुलदीप सिंह नामक युवक की हत्या हो गई थी। उसकी हत्या के मामले में बलराम यादव सहित कइयों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। हत्या के मामले में 1 अगस्त 2016 को हनुमानगढ़ के एडीजे कोर्ट में बलराम यादव, हरीश सिंधी वगैरा की पेशी थी। हत्या का बदला लेने के लिए कुलदीप सिंह के भाई सुखवीर सिंह उर्फ महंता व धर्मेंद्र सिंह कोर्ट परिसर में आए हुए थे। जैसे ही कोर्ट रूम में आरोपियों को बुलाया गया तो सुखवीर सिंह उर्फ महंता व धर्मेंद्र सिंह ने बलराम यादव को निशाना बनाते हुए फायर दागा लेकिन हरीश सिंधी आगे आ गया और गोली उसके सीने में लगी। बाद में अस्पताल ले जाने पर हरीश सिंधी (40) की मौत हो गई। वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने सुखवीर सिंह उर्फ महंता व धर्मेंद्र को मौके पर ही दबोच लिया। इस मामले में पुलिस ने बाद में कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। शनिवार रात्रि को हुई फायरिंग की घटना को भी कुलदीप सिंह की हत्या के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि रिपोर्ट में नामजद आरोपियों में कोर्ट परिसर गोलीकांड में शामिल आरोपी भी संलिप्त हैं। आपको बता दें कि बलराम यादव हिस्ट्रीशीटर रहा है। बलराम की पत्नी पार्षद रही है।