एक दर्जन महिलाएं,किशोरियों और बच्चियां मामूली जख्मी
श्रीगंगानगर । नई अनाज मंडी के पीछे महाराजा जस्सासिंह रामगढ़िया मार्ग (मिनी बाईपास) पर आज दोपहर एक बार फिर हादसा हो गया। केंद्रीय बस अड्डा से श्रीगंगानगर डिपो की सरदारशहर के लिए दोपहर 1:30 बजे रवाना हुई बस जस्सासिंह मार्ग पर बसंती चौक के नजदीक साइड में बने खाले में फंस कर एक तरफ पलटते-पलटते बच गई।बस में करीब 30 यात्री सवार थे।इनमें एक दर्जन महिलाओं, किशोरियों और बच्चियों के मामूली चोटें आईं।हादसे के कारण मार्ग पर यातायात अवरुद्ध हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।घटनास्थल पर इकट्ठे हुए लोगों में नगर विकास न्यास के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला। घायल हुए यात्रियों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस पहुंची। वार्ड के पूर्व पार्षद एडवोकेट सुरेंद्र स्वामी ने बताया कि किसी के कोई ज्यादा चोट नहीं आई। एक बच्ची के हाथ का मांस फट गया। एक बुजुर्ग महिला के सिर में चोट लगी है।बाकी आठ-दस महिलाओं, बच्चियों और किशोरियों के मामूली चोटें आईं। इनमें अधिकांश निकटवर्ती सुंदरपुरा गांव के यात्री थे। सभी घायल यात्रियों का आपात काल सेवा 108 की एंबुलेंस के ईएमटी ने वहीं पर उपचार दिया। तत्पश्चात यह यात्री अपने संसाधनों से गंतव्य को रवाना हो गए। उल्लेखनीय है कि जस्सासिंह मार्ग पर बसंती चौक के समीप दोनों तरफ के 10 रहवासियों ने सड़क मार्ग को चौड़ा किए जाने के विरोध जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका लगा रखी है।हाईकोर्ट ने स्थगन आदेश दे रखा है। इस वजह से यहां पर सड़क को चौड़ा किए जाने का काम चार-पांच वर्षों से लटका हुआ है।सड़क की चौड़ाई कम होने और इसके एक तरफ बड़ा नाला होने की वजह से वाहन अक्सर दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं।पूर्व में भी यहां कई वाहन नाले में इसी तरह गिरे हैं।अनेक लोगों के चोटें आई हैं।आज सुबह नगर परिषद का कचरा संग्रहित करने वाला एक टेंपो भी नाले में गिर गया। इससे पहले कल शाम को स्कूटी पर जा रही एक महिला भी इसी जगह पर दुर्घटना का शिकार हो जाने से घायल हो गई। नगर विकास न्यास के अधिकारी अदालत में चल रहे केस की सही ढंग से पैरवी नहीं कर रहे। यह आरोप अधिकारियों पर काफी समय से लग रहा है। एडवोकेट स्वामी के अनुसार नगर विकास न्यास ने जस्सासिंह मार्ग पर नाले को ठीक करवाने के लिए 30 लाख और सड़क की मरम्मत के लिए 23 लाख के टेंडर हाल ही जारी किए हैं। आज के हादसे के बाद लोगों ने निर्णय किया है कि न्यास के अधिकारियों पर दबाव डाला जाएगा कि जहां पर मार्ग की चौड़ाई कम है और जिन लोगों ने हाईकोर्ट से स्थगन आदेश ले रखा है, उनके घरों के सामने की सड़क न तो सड़क ठीक की जाए और न ही नाला बनाया जाए।