श्रीगंगानगर
दी गंगानगर केंद्रीय सहकारी बैंक ( जीकेएसबी ) के पूर्व चेयरमैन और पूर्व एमडी के खिलाफ करीब 11 साल पुराने एक मामले में प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने पर एसीबी ने एफआईआर करवाई है। मामला वर्ष 2010 में पैक्स मैनेजर और एसिस्टेंट पैक्स मैनेजरों की भर्ती से जुड़ा हुआ है। इसमें केवल 41 आवेदकों के ही नियमानुसार भर्ती योग्य होने के बावजूद सभी 233 कैंडिडेट की भर्ती की अनुशंसा बैंक के तत्कालीन चेयरमैन और एमडी ने कर दी थी। इस पर पूर्व चेयरमैन गुरवीरसिंह और पूर्व एमडी मधुसूदन कुमार के खिलाफ एसीबी ने एफआईआर करवाई है।
इस मामले की प्राथमिक जांच एसीबी के डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया ने की थी। उन्होंने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पैक्स मैनेजर और असिस्टेंट पैक्स मैनेजर को रेग्युलराइज करने के लिए बैंक के श्रीगंगानगर हैड ऑफिस ने वर्ष 2010 में 22 से 24 मई के बीच स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकें कर 129 पैक्स मैनेजर और 104 एसिस्टेंट पैक्स मैनेजर की स्क्रीनिंग और रेग्युलराइज करने की कार्रवाई की। बैंक के हैडऑफिस ने इन्हें रेग्युलराइज करने की अनुशंसा भी कर दी। शिकायत मिलने पर स्क्रीनिंग की जांच दी राजस्थान स्टेट कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड ने करवाई। जांच रिपोर्ट में रजिस्ट्रार ने स्क्रीनिंग के लिए जारी निर्देशों की अनदेखी की बात मानी। रिपोर्ट में कुल 233 पैक्स मैनेजर और एसिस्टेंट पैक्स मैनेजर में से केवल 41 को ही अनुशंसा के लायक माना। इसमें स्क्रीनिंग के लिए संबंधित कैंडिडेट्स का इंटरव्यू नहीं करने सहित कई कमियां मानी। इस रिपोर्ट में बैंक के तत्कालीन चेयरमैन गुरवीरसिंह, एमडी मधुसूदन, संबंधित समिति के अध्यक्ष को जिम्मेदार माना।
एसीबी की प्राथमिक जांच में आरोप प्रमाणित मिले
इस संबंध में एसीबी में दर्ज प्राथमिक जांच डीएसपी वेदप्रकाश लखोटिया ने की। प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने पर बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष गुरवीरसिंह, तत्कालीन एमडी मधुसूदन कुमार, इस मामले के लाभार्थियों और अन्य के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज करवाई गई।