जयपुर
जयपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने शुक्रवार को राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ कड़ा प्रदर्शन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कांग्रेस राज में प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर अत्याचार बढ़ रहा है। इसी का विरोध जताने के लिए भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन कर रहे थे। सुबह करीब साढ़े 10 बजे इकट्ठे हुए भाजयुमो कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के बाहर जयसिंह हाईवे पर धरना देने लगे। पुलिस ने प्रवेश द्वार बंद कर दिए थे। धरने से जब आम लोग परेशान होने लगे तो दोपहर साढ़े बारह बजे पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उठाना शुरू किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई। इसके बाद पुलिस ने धरना स्थल खाली कराने के लिए कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। भाजयुमो पदाधिकारियों का दावा है कि पुलिस की इस कार्रवाई से दर्जनभर से ज्यादा कार्यकर्ता घायल हुए हैं।

लाठीचार्ज में भाजयुमो के प्रदेश महामंत्री राजकुमार बिनवाल की हालत बिगड़ गई।
युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। इसी दौरान सदर एसीपी नवाब खान से कार्यकर्ता उलझ गए। मामला तूल पकड़ लिया और पुलिसकर्मियों ने भाजयुमो के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया। युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री राजकुमार बिनवाल, प्रदेश मंत्री रामकिशन मीणा, विजेंद्र गुर्जर, विक्रम सिंह शेखावत और आशीष शर्मा को चोटें आई हैं। घायलों को एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।

सदर एसीपी नवाब खान से भाजयुमो कार्यकर्ताओं की झड़प के बाद लाठीचार्ज हुआ।
प्रदेश सरकार रोकने में नाकाम
भाजयुमो प्रदेश महामंत्री राजकुमार बिनवाल ने बताया कि पिछले दिनों झालावाड़ जिले के झालरापाटन में कृष्णा वाल्मीकि पर दिनदहाड़े समुदाय विशेष के लोगों ने लाठी, भाला, सरिया से हमला बोल दिया था। आखिरकार उसकी हत्या कर दी गई थी। यह घटना प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर हो अत्याचार को दर्शाती है। प्रदेश में गहलोत सरकार एसटी एससी पर हो रहे हमलों को रोकने में नाकाम है।
इस तरह की घटनाओं पर प्रदेश सरकार कोई कड़े कदम नहीं उठा रही है। इन अत्याचारों पर अंकुश लगाने एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर धरना प्रदर्शन किया था। मौके पर पहुंचे प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने आरोप लगाया कि मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से बातचीत करने की कोशिश की, तो उन्होंने भी बुरा बर्ताव किया। उन्होंने बताया कि वे शांतिपूर्वक कलेक्टर से मिलकर अपनी बात बताना चाहते थे, लेकिन उनके साथ जानबूझकर बदसलूकी की। पार्टी के कई कार्यकर्ता गंभीर घायल हो गए।