हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। ढाणी में सो रही नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के चार साल से अधिक पुराने प्रकरण में विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो प्रकरण मदन गोपाल आर्य ने शनिवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोषी को 7 साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कुल 1 लाख 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक विनोद डूडी ने पैरवी की। प्रकरण के अनुसार सोनू (22) पुत्र ओमप्रकाश निवासी पंडितांवाली पुलिस थाना पीलीबंगा 6 अगस्त 2017 को खेत में बनी ढाणी में अपने परिजनों के साथ सो रही नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर खेत में बनी झोंपड़ी में ले गया और दुष्कर्म किया। इसके बाद सोनू जब पीड़िता को वापस उसके परिजनों के पास छोड़ने जा रहा था तो सामने टॉर्च की लाइट देखकर किशोरी को वहीं छोड़कर भाग गया। पीड़िता के परिजन बच्ची को ढूंढते हुए वहां पहुंचे। अगले दिन 7 अगस्त 2017 को पीड़िता के दादा ने पीलीबंगा पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर तफ्तीश के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। शनिवार को विशिष्ट न्यायाधीश पोक्सो प्रकरण मदन गोपाल आर्य ने आरोपी सोनू को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। आरोपी को भादंसं की धारा 363 के तहत 3 वर्ष का कारावास, 5 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी 6 माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 366 के तहत 7 वर्ष का कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना व अदम अदायगी 6 माह का अतिरिक्त कारावास, धारा 376(2)(आई) व 3/4 पोक्सो एक्ट के तहत 7 वर्ष का कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना व अदम अदायगी 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा से दण्डित किया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 दस्तावेज व 12 गवाह पेश किए।