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नशा बेचने की शिकायत करने की रंजिश में कातिलाना हमला, सरपंच-वार्ड पंच घायल

  • गण्डासी व रॉड से वार कर मारी चोटें, गांव मक्कासर के वार्ड नम्बर 13 की घटना, ग्रामीणों में फैला रोष
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    सूरतगढ़ फोरलेन पर स्थित जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव मक्कासर के वार्ड नम्बर 13 में बुधवार रात ग्राम पंचायत सरपंच व वार्ड पंच पर कुछ जनों ने जानलेवा हमला कर दिया। गण्डासी व लोहे की रॉड से वार कर चोट मारकर सरपंच व वार्ड पंच को घायल कर दिया गया। दोनों घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। सरपंच के हाथ पर गण्डासी जबकि वार्ड पंच के पैर-मुंह व माथे पर गण्डासी व लोहे की रॉड से चोट मारी। इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने के लिए जंक्शन पुलिस थाना में परिवाद सौंपा गया है। हमला नशा बेचने की शिकायत करने की रंजिश में किए जाने की बात सामने आई है। उधर, इस घटना से ग्रामीण आक्रोशित हो गए और जिला अस्पताल पहुंच हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। जानकारी के अनुसार राकेश पुत्र दलीप राम मेघवाल निवासी वार्ड 3, मक्कासर तहसील ने परिवाद में बताया कि वह अपने वार्ड का पंच है तथा ग्राम पंचायत मक्कासर सरपंच बलदेव सिंह का पड़ोसी है। बुधवार रात करीब 9.30 बजे वह व सरपंच बलदेव सिंह अपने पड़ोस बैठे थे तभी बलदेव सिंह के पास वार्ड 13 निवासी चनण सिंह पुत्र जोगेन्द्र सिंह का फोन आया कि गांव में चलाई गई नशामुक्ति की मुहिम और नशा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को की गई लिखित शिकायत की रंजिश में उसके पड़ोसी जगसीर सिंह पुत्र चानण सिंह मजहबी वगैरा रंजिश रखने लगे हैं। जगसीर सिंह, उसके पुत्र आकाशदीप, पवन पुत्र रामलाल मेघवाल, संजय पुत्र दीपा सोरगर, हैप्पी पुत्र महावीर मेघवाल, कुकाराम पुत्र रामकुमार मेघवाल, लेखु पुत्र पप्पू उर्फ सेवकराम सोरगर, गोगी पुत्र श्योपतराम मेघवाल व पवन खुंजा उसे गालियां दे रहे हैं तथा जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। तब सरपंच ने पुलिस को घटना स्थल पर पहुंचने के लिए फोन किया। इसके बाद वह व सरपंच बलदेव सिंह वार्ड 13 स्थित चनणसिंह के घर पहुंचे। तब तक पुलिस भी वहां पहुंच चुकी थी। दोनों पक्षों से समझाइश के बाद पुलिस वहां से चली गई। जैसे ही पुलिस वहां से गई जगसीर, आकाशदीप, पवन मेघवाल, संजय सोरगर, हैप्पी मेघवाल व पवन खुंजा वगैरा ने उसे व सरपंच बलदेव सिंह को जान से मारने की नियत से गण्डासों, सरियों, लोहे की रॉड से हमला कर दिया। जगसीर सिंह ने उसके पैर पर गण्डासी से चोट मारी। आकाशदीप उसके सिर पर सरिया की चोट मारने लगा तो उसका सिर तो बच गया परन्तु मुंह पर लगी और दांत टूट गया। सरपंच बलदेव सिंह के भी संजय ने गण्डासी से सिर पर वार किया तो बलदेव सिंह ने हाथ आगे कर दिया तो हाथ की अंगुलियों कट गई। संजय सोरगर और पवन ने कहा कि आज इन्हें जान से मार दो। इन्हें बहुत आती है नशे के खिलाफ आवाज उठानी। पवन ने सरपंच बलदेव सिंह के सिर पर पिस्तौल तानते हुए धमकी दी कि तैयार हो जा, तुझे जान से मारूंगा। तभी चानणसिंह ने हाथ पकड़ कर उसको धक्का दे दिया। इसके बाद हमलावरों ने उसकी जेब से 1500 रुपए तथा सरपंच बलदेव सिंह की जेब से 1200 रुपए निकाल लिए तथा दोनों के कपड़े फाड़ दिए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उन्हें छुड़ाया। ग्रामीणों ने दोनों को 108 एम्बुलेंस की मदद से टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय पहुंचा भर्ती करवाया।
    नशा बेचने की शिकायत की रंजिश में हमला करने का आरोप
    जिला अस्पताल में भर्ती सरपंच बलदेव सिंह के अनुसार गांव के वार्ड 13 में खेतों की तरफ जाने वाले मुख्य रास्ते पर शमशान भूमि के पास रहने वाले जगसीर सिंह पुत्र चनण सिंह व उसके लड़के आकाशदीप वगैरा की ओर से नशीली दवाएं बेचने का अवैध कारोबार किया जा रहा है। पिता-पुत्र के खिलाफ पुलिस थाना में नामजद मामला भी दर्ज है। जगसीर सिंह वगैरा ने एक गैंग बना रखी है। बुधवार रात्रि को हमला करने से पहले उन्होंने पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया था लेकिन पुलिस ने नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा और पुलिस वहां से चली गई। इसी बात से नाराज होकर पुलिस के जाने के बाद जगसीर सिंह वगैरा उनके साथ लड़ाई-झगड़ा करने लगे और चोटें मारी। सरपंच बलदेव सिंह ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि इस घटना का जिम्मेवार पुलिस प्रशासन है। सरपंच का आरोप था कि पुलिस की गांव में मेडिकल नशा बेचने वालों से सांठगांठ है। इसी के चलते पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ गांव के जनप्रतिनिधियों सहित ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। इस घटना के खिलाफ ग्राम पंचायत का कार्य बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की जाएगी।
    ग्राम पंचायत पर तालाबंदी की चेतावनी
    उधर, गांव के सुभाष गोदारा का भी आरोप था कि गांव में सरेआम मादक व नशीले पदार्थांे की बिक्री हो रही है। यह सब पुलिस की शह पर हो रहा है। रात्रि की घटना के दौरान पुलिस की मौजूदगी में सरपंच को अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों ने गालियां निकाली लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई करने की बजाए चुपचाप सब देखती रही। पुलिस तीन बार गांव में पहुंची लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जब जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम व्यक्ति कैसे सुरक्षित होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और न्याय नहीं मिलता तब तक मक्कासर व दो केएनजे ग्राम पंचायतों पर तालाबंदी कर सभी कार्यांे का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, रघुवीर सिंह वर्मा सहित कई ग्रामीण जिला अस्पताल में मौजूद थे।

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