Saturday, May 9निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

प्रशासन ‘शराब माफिया’ के संग

बीकानेर . राज्य सरकार की योजनाएं और नियम-कायदे बीकानेर पहुंचते-पहुंचते कैसे दम तोड़ देती है….पेश है इसकी बानगी। गजनेर रोड़ एमएस कॉलेज पुलिया से नीचे उतरते ही मुख्य सड़क पर कियोस्क बनवाए गए। ताकि कम पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक छोटे-मोटे धंधे कर अपना रोजगार चला सके। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की शह पर शराब माफियाओं ने दो कियोस्क तोड़कर उसे शराब की दुकान में तब्दील कर डाला। बीकानेर आबकारी, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग का कौनसा अधिकारी है जो इस शराब ठेके के सामने से नहीं गुजरता हो लेकिन सब के सब चुप। ऊपर से लेकर नीचे तक किसी भी अधिकारी ने इस आेर ध्यान नहीं दिया। जो यह दर्शाने के लिए पर्याप्त है कि बीकानेर में किस कदर नियम-कायदों की धज्जियां उड़ रही हैं। जंगलराज होने से अधिकारी मु_ी गर्म कर चले जाते हैं। पूरे राज्य में भले शराब की दुकानें रात ८ बजे बंद हो जाती हो लेकिन, बीकानेर में आप पूरी रात ‘मयखोरीÓ कर सकते है। यहां शराब की दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं। दुकानदारों ने एेसे-एेसे जुगाड़ कर रखे हैं कि आम आदमी हैरत में पड़ जाए। कहीं दुकानदारों ने पाइप लगा रखें है तो कहीं दुकानों के शटर के नीचे शराब बेचने के लिए जगह बना रखी है। शटर के नीचे से पैसे डालों तो शराब की बोतल बाहर आ जाएगी। सवाल यह उठता है कि आम आदमी को यह सब दिखता है तो अधिकारियों को क्यों नहीं?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *