नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक होने के कारण लोगों का सांस लेना स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है। खराब हवा के दीर्घकालिक प्रभाव से फेफड़ों पर असर होता है और कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि दिल्ली एनसीआर में हाल ही में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में जो मरीज आए, उसमें सबसे अधिक पेट की समस्या वाले थे। आंकड़ों पर गौर करें तो आरोग्य मेले में 1978 मरीजों के रिकॉर्ड दर्ज किए गए। जिसमें से 431 मरीज पेट की शिकायत लेकर आए थे। वहीं 421 मरीज सांस लेने की तकलीफ से परेशान मिले। जितने भी मरीज आरोग्य मेले में आए, उसमें से 25 फीसदी बच्चे थे। इसमें पुरुष लाभार्थियों की संख्या 791 और महिलाओं की 691 रही। 496 बच्चे भी उपचार के लिए पहुंचे। बच्चों पर भी प्रदूषित हवा का गहरा असर पड़ रहा है। वायु प्रदूषण उनके शारीरिक और मानसिक विकास को भी प्रभावित कर रहा है।