मजदूरी में कटौती करने व ईंट भ_ा से निकालने का आरोप
by seemasandesh
ईंट भा मजदूर भाइयों ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। ईंट भा मजदूरों को पूरी मजदूरी न देने व बकाया मजदूरी मांगने पर ईंट भे से निकालने का आरोप लगाते हुए राजस्थान अम्बेडकर ईंट भा मजदूर यूनियन ने सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरी मजदूरी दिलवाने की मांग की। यूनियन प्रधान रविन्द्र बावरी ने बताया कि दो भाइयों अजय एवं वीरू पुत्र सोमचन्द बावरी निवासी वार्ड 50, सुरेशिया ने संगरिया तहसील के गांव दीनगढ़ स्थित साई ईंट उद्योग पर सत्र 2020 से 2021 तक ईंट थपाई का कार्य किया था। अजय ने करीब 4 लाख 26 हजार 332 कच्ची ईंटों की थपाई की। उसका त्रिपक्षीय मजदूरी रेट समझौता प्रति हजार 475 रुपए था। वीरू की कच्ची ईंट थपाई 5 लाख 5 हजार 12 थी। दोनों का रेट बराबर था। लेकिन ईंट भा मालिक पुरुषोत्तम साईं ने दोनों मजदूरों के प्रति हजार 443 रुपए के हिसाब से रुपए बनाए जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि दोनो मजदूरों का मालिक की ओर से 32 रुपए कमीशन काट लिया गया और कहा कि यह कमीशन वे जमादार को देंगे। क्योंकि जमादार उन्हें मजदूर लाकर देते हैं। यूनियन प्रधान के अनुसार जबकि मजदूर के साथ ऐसी कोई शर्त नहीं की गई थी। न ही किसी प्रकार का कमीशन काटने की शर्त है। मजदूर ने मजदूरी की है तो उसे पूरी मजदूरी मिलनी चाहिए लेकिन मालिक पुरुषोत्तम साईं एवं जमादार मंशाराम ने मिलीभगत कर अजय एवं वीरू की मजदूरी में से प्रति हजार 32 रुपए कमीशन काट लिया। मंशाराम भी सुरेशिया के वार्ड 52 में रहता है। अजय की ओर से की गई मजदूरी के कुल 202507.70 रुपए जबकि अजय की ओर से की गई मजदूरी के कुल 239880.70 रुपए बनते हैं। जबकि ईंट भा मालिक एवं जमादार मंशाराम की ओर से दोनों भाइयों को डरा-धमका कर उनका हिसाब किया। दोनों मजदूरों की मजदूरी में करीब 29810 रुपए की कटौती कर ली गई। जब इन मजदूरों ने बकाया रुपए मांगे तो ईंट भा मालिक एवं जमादार की ओर से डरा-धमका कर इनके परिवार जनों को ईंट भे से निकाल दिया। अब इन मजदूरों के परिवार के भूखे मरने की नौबत आ गई है। ईंट भा मालिक एवं जमादार की ओर से बार-बार धमकियां दी जा रही हैं। यूनियन प्रधान ने इन मजदूरों का त्रिपक्षीय समझौता रेट के हिसाब से करवाकर पूरी मजदूरी दिलवाने की मांग की। इस मौके पर दोनों ईंट भा मजदूर अजय व वीरू के अलावा उनके परिवार की महिलाएं भी मौजूद थी।