रोडवेज और रेलवे में यात्रीभार बढ़ा, हड़ताल से यात्री परेशान
श्रीगंगानगर। टैक्स माफ करने, बैंक ऋण की किश्तों को स्थगित करने तथा पेट्रोल-डीजल के रेट कम करने सहित मांगों को लेकर गुरुवार को जिले में प्राइवेट बसों का चक्का जाम रहा। इस कारण राजस्थान रोडवेज द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर लेने से यात्रियों को कोई ज्यादा परेशानी नहीं हुई। प्राईवेट बसों की हड़ताल से रेलवे और रोडवेज का राजस्व में भी काफी बढ़ा है। हड़ताल से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोक परिवहन सेवा और प्राइवेट बस आॅपरेटर एसो. द्वारा कोरोना लॉकडाउन में लगातार बसें बंद रहने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए विभिन्न प्रकार के टैक्स माफ करने, बैंक ऋण की किश्तों को स्थगित करने तथा पेट्रोल-डीजल के रेट में कमी किए जाने की मांग को लेकर आज एक दिन की हड़ताल पर रहे। इस कारण दिनभर प्राईवेट बसों का किसी मार्ग पर संचालन नहीं हुआ है। जिले में बड़ी संख्या में प्राइवेट बसों का संचालन होता है। लोक परिवहन एसो. अध्यक्ष सुखी बराड़ ने बताया कि मांगों को लेकर पूरे दिन किसी भी मार्ग पर प्र्राईवेट बस का संचालन नहीं हुआ। दोपहर बाद मांगों का ज्ञापन जिला परिवहन अधिकारी को दिया गया। श्रीगंगानगर आगार के ट्रैफिक मनेजर सुरेन्द्र कुमार कासनिया ने बताया कि हड़ताल के कारण यात्रीभार काफी बढ़ा है। सूरतगढ़, हनुमानगढ़ मार्ग सहित सभी मार्गों पर एक दर्जन से अधिक अतिरिक्त बसें चलाई गई हैं। इस कारण राजस्व भी बढ़ा है।