सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। कोरोना के बढता संक्रमण का काला साया प्रदेश में पहली बार आयोजित किए जा रहे राजीव गांधी ग्रामीण ओलम्पिक खेलों पर पड़ता नजर आ रहा है। प्रदेश में लगातार बढ रहे कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने कई पाबन्दियां लगाई है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों से लेकर कई सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या के साथ बाजार खुलने और बन्द करने का समय निर्धारण करते हुए वीकेण्ड कर्फ्यू लगाया है। ऐसे में 26 व 27 जनवरी को प्रस्तावित ग्रामीण ओलम्पिक खेलों पर संशय बना हुआ है कि यह खेल होंगे या नहीं। ऐसे में कोरोना ने ग्रामीण ओलंपिक की ग्राम स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने वाले खिलाड़ियों की तैयारियों व आशाओं को आशंकित कर दिया है। ग्रामीण खिलाड़ी लम्बे समय से ओलम्पिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने 27 दिसंबर को सभी जिला कलेक्टर्स को राज्य खेलों की तर्ज पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला व राज्य स्तरीय राजस्थान ग्रामीण ओलम्पिक खेलों का आयोजन करवाने के निर्देश जारी किए थे। जानकारी अनुसार उक्त प्रतियोगिताओं के संचालन के लिए क्रीड़ा परिषद की ओर से बजट उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसमें 6 हजार रुपए ग्राम पंचायत स्तर पर और 10 हजार रुपए ब्लॉक स्तर पर बजट आवंटित किया गया है।