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लगातार दूसरे दिन भी रोडवेज कर्मचारियों ने किया विरोध-प्रदर्शन

  • आंदोलन के तहत 25-26 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक देंगे धरना
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। वे
    तन-पेन्शन तथा एक माह के सेवानिवृत्ति परिलाभों का हर माह के पहले कार्य दिवस को भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे रोडवेज कर्मचारियों ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन विरोध-प्रदर्शन किया। जंक्शन स्थित रोडवेज डिपो में कर्मचारियों ने एक घंटे तक प्रदर्शन कर चेतावनी दी कि यदि सरकार और रोडवेज प्रबंधन ने मांगों को पूरा नहीं किया तो आगामी दिनों में आंदोलन और तेज होगा। राजस्थान रोडवेज संयुक्त मोर्चा के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर जारी आंदोलन के चौथे चरण के दूसरे दिन प्रदर्शन कर रहे रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना था कि राज्य सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय के हालात पैदा करने के लिए रोडवेज कर्मचारियों को मजबूर न करे। अगर सरकार जल्द नहीं चेती तो पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय किए गए आंदोलन के तहत रोडवेज कर्मचारी अब भी हड़ताल पर जा सकते हैं। पहले की तरह अब भी रोडवेज कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। महावीर जोशी ने कहा कि आज पूरे हिन्दुस्तान के उद्योगों का निजीकरण किया जा रहा है। राजस्थान रोडवेज इसकी जद में पहले ही आ चुकी है। आधी रोडवेज बसें बंद कर दी गई हैं। रोडवेज के सेवानिवृत कर्मचारियों का भी भुगतान नहीं किया गया। मौजूदा कर्मचारियों को भी दो-तीन माह से तनख्वाह मिल रही है। समय पर भुगतान नहीं हो रहा। ओवरटाइम बंद कर दिया गया है। रात्रिकालीन ड्यूटी का भुगतान नहीं हो रहा। 18-18 घंटे रोडवेज कर्मचारियों से ड्यूटी करवाई जा रही है। जनता की सुविधा के लिए स्थापित किए गए राष्ट्रीय उद्योग निजी हाथों में सौंपे जा रहे हैं। किसानों को मारने की नीति अपनाई जा रही है। मजदूरों को बेरोजगार किया जा रहा है। आज हिन्दुस्तान में अराजकता की स्थिति पैदा की जा रही है। कॉरपोरेट घराने दिनोंदिन हावी हो रहे हैं। वे सरकारों को गुलाम बना रहे हैं। वे आने वाले समय में जनता को गुलाम बनाएंगे। ऐसे हालातों में मजबूर होकर रोडवेज कर्मचारियों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है। यह चरणबद्ध आंदोलन अक्टूबर तक चलेगा। इसके बाद रोडवेज कर्मचारी बसों का चक्काजाम कर हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी रोडवेज कर्मचारियों ने सिर्फ एक दिन 27 अक्टूबर को 24 घंटे की हड़ताल की घोषणा की है जो सरकार की ओर से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किए जाने पर लंबी भी चल सकती है। मांगों को लेकर सरकार स्तर पर निर्णय नहीं होने तक हड़ताल जारी रखी जाएगी। राजस्थान राज्य रोडवेज वर्कर्स यूनियन सीटू अध्यक्ष सतवीर गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस को राज्य में सत्तासीन हुए करीब तीन साल का समय हो गया है। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 22 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन भी रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर जाने का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत 25-26 अगस्त को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धरना, 1 से 30 सितम्बर तक संयुक्त मोर्चा के घटक श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों की ओर से रोडवेज की सभी इकाइयों के दौरे कर वहां कर्मचारियों की आम सभाओं एवं प्रदर्शनों का आयोजन, 5 अक्टूबर को जयपुर में प्रदेश स्तरीय रैली, 5 से 25 अक्टूबर के मध्य एक या दो दिन कुछ घंटों का प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार, 25-26 अक्टूबर को दिन-रात के धरने व 27 अक्टूबर को 24 घंटे की प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर सुखदेव सिंह, सुभाष मिड्ढा, शिवकुमार चिलाना, ज्ञानचंद, ओमप्रकाश वर्मा, दयाशंकर, जीतसिंह, राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र शर्मा, पृथ्वी महला, गुरचरण सिंह, केहर सिंह, अर्जुन यादव, रणजीत सिंह, दौलतराम, महेन्द्र सिंह, नायब सिंह, राकेश मूूण्ड, देवीलाल स्वामी, गुरजंट सिंह, कृष्ण कस्वां सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

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