नई दिल्ली
पिछले एक दशक में दुनियाभर में हृदय रोगों के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग दुनियाभर में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। गौर करने वाली बात यह है कि कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय रोगों की मुख्य वजह माना जाता है। कोलेस्ट्रॉल, लिवर द्वारा उत्पादित एक वसायुक्त पदार्थ है, जो सेल मेंब्रेन्स का निर्माण करता है। कोलेस्ट्रॉल वैसे तो शरीर के लिए आवश्यक है पर इसका बढ़ना गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है। विशेष रूप से बैड कोल्स्ट्रॉल का स्तर बढ़ना हृदय संबंधी गंभीर रोगों का कारण बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार को होता है- गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है जबकि बैड कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक के निर्माण और रुकावट का कारण बन सकता है। ऐसे स्थिति हार्ट अटैक, स्ट्रोक या कार्डियक अरेस्ट के जोखिम को बढ़ा देती है। द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी फाउंडेशन के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर ध्यान रखकर कई समस्याओं से बचा जा सकता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण सांस, जबड़े और बाहों पर दिखाई देते हैं। आइए इस बारे में आगे की स्लाइडों में विस्तार से जानते हैं।